कांवड़ यात्रा पर हाईटेक सुरक्षा का पहरा, ICCC से चार जिलों की होगी लाइव मॉनिटरिंग

हर शिविर पर CCTV, ड्रोन से निगरानी, 8 हजार पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात; महिला सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष फोकस

बरेली। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित बनाने के लिए बरेली रेंज पुलिस ने इस बार व्यापक और हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। पहली बार बरेली पुलिस लाइन में एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) स्थापित किया जाएगा, जहां से बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर चारों जिलों के कांवड़ मार्गों और प्रमुख शिविरों की गतिविधियों पर एक साथ नजर रखी जाएगी। इसके अलावा ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए यात्रा की लगातार निगरानी होगी।

बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि चारों जिलों के पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाना है। सभी प्रमुख कांवड़ शिविरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जबकि संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।

महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रमुख शिविरों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। मिशन शक्ति के स्टॉल, महिलाओं के लिए शौचालय और विश्राम कक्ष की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। शिविरों में सेवा देने वाले सभी स्वयंसेवकों और सेवादारों के लिए पहचान पत्र रखना अनिवार्य होगा।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना प्रशासनिक अनुमति के कोई भी कांवड़ शिविर संचालित नहीं किया जा सकेगा। शिविरों और कांवड़ स्टैंड को मुख्य मार्ग से सुरक्षित दूरी पर स्थापित किया जाएगा, ताकि यातायात प्रभावित न हो और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम रहे। प्रत्येक शिविर में अग्निशमन यंत्र, सुरक्षित रसोई और आपातकालीन सुरक्षा मानकों का पालन भी अनिवार्य किया गया है।

पूरे कांवड़ मार्ग को 8 सुपर जोन, 26 जोन, सेक्टर और सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 8 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। प्रमुख मंदिरों, घाटों और चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल, सीसीटीवी और आईपी कैमरे लगाए जाएंगे। कछला घाट समेत प्रमुख घाटों पर एसडीआरएफ, पीएसी, गोताखोर, नाव और लाइफ जैकेट की भी व्यवस्था रहेगी।

यात्रा के दौरान सुचारु यातायात बनाए रखने के लिए संयुक्त रूट डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा। आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। पुलिस ने कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट तय करते हुए डीजे वाहनों को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करने के निर्देश दिए हैं।