आज राम नाथ राम नारायण मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा उझानी स्थित शिखर नर्सिंग होम में निःशुल्क हड्डी एवं जोड़ रोग स्वास्थ्य रोग जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें मरीजों की बोन मास डेंसीओमेट्री (बी० एम० डी०) की जाँच फ्री तथा समस्त एक्स रेज़ पर पचास प्रतिशत की छूट की गई। शिविर में बरेली के श्री राम मूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज के प्रसिद्ध हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राहुल वर्मा ने

मरीजों को निःशुल्क चिकित्सक परामर्श दिया। इस शिविर में आये कुल 108 मरीजों में ज्यादातर मरीज जोड़ों में दर्द और घुटनों की ओस्टियोआर्थराइटिस बीमारी से पीड़ित थे। जिन मरीजों की बी एम डी की जाँच की गई उनमे से ज्यादातर मरीजों की हड्डियां कमजोर थी और कुछ मरीजों को ऑस्टियोपोरोसिस की गंभीर समस्या थी। इस कैम्प के माध्यम से लगभग 10 मरीजों को आयुष्मान भारत की योजना के माध्यम से

घुटना जोड़ प्रत्यारोपण के लिए चिन्हित किया गया तथा जो गरीब मरीज आयुष्मान भारत कार्ड धारक नही थे उन्हें शिखर नर्सिंग होम, उझानी के डायरेक्टर डॉ० आर० के० वर्मा ने स्थानीय विधायक के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष योजना से मदद करवाकर श्री राम मूर्ति मेडिकल कॉलेज, बरेली में इलाज कराने का आस्वासन दिया। शिविर में आये डॉ राहुल वर्मा ने मरीजों

को जानकारी दी कि आधुनिक जीवन शैली तथा अनुचित खानपान के कारण मरीज़ों में कमर दर्द, शरीर में दर्द, यूरिक एसिड, विटामिन डी तथा कई प्रकार की गठिया जैसी बीमारियाँ विकसित हो रही हैं ।जिनसे जीवनशैली तथा खानपान में उचित बदलाव लाकर शुरुआती दौर में ही बचा जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि घुटनों की ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए घुटना प्रत्यारोपण एक बहुत ही उचित, सरल एवं सफल समाधान है जिसे कराकर अनावश्यक हानिकारक दर्द की तमाम दवाओं से बचा जा सकता है। राम नाथ राम नारायण मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी तथा शिखर नर्सिंग होम के डायरेक्टर डॉ० आर० के० वर्मा ने डॉ० राहुल वर्मा को पुष्प गुच्छ तथा स्मृति चिन्ह देकर धन्यवाद ज्ञापित किया।

Après une journée chargée, on improvise souvent un dîner rapide, puis l'on découvre qu'un plat simple peut avoir le goût d'un bon restaurant. Les recettes de chefs méritent d'être étudiées plus en détail. Entre égouttage et finition en poêle Quand le café refroidit dans la tasse, on pense déjà au dessert : une recette simple peut sauver la fin du repas.