
4 लाख रुपये से अधिक का तेल जब्त, बिक्री पर रोक, कई नमूने जांच के लिए भेजे गए
फरीदपुर (बरेली):
फूड विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरीदपुर स्थित खंडेलवाल एडिबल ऑयल मिल्स प्राइवेट लिमिटेड की खाद्य तेल पैकेजिंग इकाई पर सघन निरीक्षण किया। छापेमारी के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यहां नेपाल से आयातित तेल को कच्ची घानी सरसों तेल के नाम पर पैक कर बेचा जा रहा था।

निरीक्षण के दौरान टीम ने कच्ची घानी सरसों तेल का नमूना संग्रह किया। इसके अलावा परिसर में मौजूद भंडारी सरसों तेल (माया ब्रांड), जो नेपाल में निर्मित बताया गया, के 15 किलो पैक से भी नमूना लिया गया। जांच रिपोर्ट आने तक 1103 लीटर तेल, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 4 लाख रुपये है, की बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया।
इसके साथ ही रेपसीड ऑयल (साजन ब्रांड, नेपाल निर्मित) के लगभग 30 ड्रम, जिनकी बाजार कीमत करीब 1 लाख रुपये बताई जा रही है, को भी जांच रिपोर्ट आने तक बिक्री से रोक दिया गया है।

लगातार मिल रही थीं शिकायतें
खंडेलवाल एडिबल ऑयल के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि इस तेल का सेवन करने से लोगों की सेहत खराब हो रही है। इसी को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर फूड विभाग की टीम ने फैक्ट्री में छापा मारा।
जांच में सामने आया कि नेपाल से आए तेल को स्थानीय स्तर पर कच्ची घानी सरसों तेल के रूप में दर्शाकर बेचा जा रहा था, जो उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खुला खिलवाड़ है।

दूसरी फैक्ट्री का माल भी सील..
इसी क्रम में कम्पिटेन्ट इंडस्ट्रियल पार्क स्थित सृष्टिपूर्ति वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड का भी निरीक्षण किया गया। यहां धनिया पाउडर समेत अन्य मसालों के नमूने लिए गए। लगातार मिल रही शिकायतों के चलते इकाई को सील कर दिया गया और उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी गई। सभी नमूने लैब जांच के लिए भेजे गए हैं।
मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त अभियान..
बरेली में जिलाधिकारी अविनाश सिंह के कार्यभार संभालने के बाद से मिलावटखोरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का नेतृत्व फूड सेफ्टी ऑफिसर अक्षय गोयल कर रहे हैं। टीम द्वारा लगातार छापेमारी कर ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है, जो मुनाफे के लालच में आम जनता की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।
छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी
इस कार्रवाई में प्रमुख रूप से —
राघवेंद्र प्रताप सिंह, सुशील सचान, हिमांशु सिंह सहित अन्य अधिकारी और फूड विभाग की पूरी टीम मौजूद रही।
फूड विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।