सहसवान आज सुबह 7:30 बजे का देखें नवीन मंडी समिति सहसवान का हाल।

मंडी सचिव कि शह पर मंडी परिसर एवं मंडी के बाहर पसरा हुआ है अतिक्रमण ही अतिक्रमण।

सहसवान। जिस टीन सेट के नीचे बैठकर बेची जानी चाहिए सब्जी एवं फल फ्रूट वहां पर करा दिया है कव्जा प्याज के टटरो से जिन दुकानदारों ने दुकाने मंडी समिति से ले रखी हैं वहां तक ग्राहक पहुंचता ही नहीं है जबकि मंडी सचिव की शह पर मंडी गेट के बाहर एवं मंडी के अंदर घुसते ही सड़क पर ही लगवा दिए हैं।

फड उनसे होती है धन उगाही प्रति फड वाले से 200 से ढाई ₹250 तक वसूल किए जाते हैं जिनकी न तो कोई रसीद दी जाती है और न ही राजस्व में जमा किए जाते हैं यह रुपया मंडी समिति के कर्मचारियों द्वारा उगाया जाता है लगभग 300 से अधिक फड़ लगते हैं जिससे प्रतिदिन₹60000 की वसूली की जाती है।

आखिर यह वसूली जाती कहां है और मंडी सचिव की शह पर मंडी परिसर में लगता है जाम एवं मंडी के गेट पर यहां पर भी ट्रैक्टर ट्रॉली बैलगाड़ी डीसीएम आदि बदायूं मेरठ राजमार्ग पर खड़े होकर देते हैं अधिकारियों को अतिक्रमण कर चुनौती बरहाल मंडी के गेट के बाहर भी कई दुकाने लगवा दी गई हैं जिन से प्रतिमाह 70 से ₹80000 तक की उगाही की जाती है जो नियम विरुद्ध है इस बाबत कई लोगों ने शिकायत संबंधित मंडी सचिव से की तो उन्होंने नजरअंदाज करते हुए एक कान से दूसरे कान से बात निकाल दी इससे प्रतीत होता है की उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट कहना है कि मेन हाईवे के किनारे किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा फिर सहसवान में मंडी समिति के बाहर अंदर आखिर किसकी सह पर अतिक्रमण होने दिया जा रहा है जो सुबह 6:बजे से लेकर 10 बजे तक इसी तरह जमावड़ा रहता है दोनों तरफ से हाईवे को घेर लिया जाता है और धन उगाही करते हैं मंडी समिति के कर्मचारी अब देखना है यहां पर बुलडोजर चलेगा या नहीं।

रिपोर्टर – सौरभ गुप्ता

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