
जिलाधिकारी अविनाश सिंह सभी अधिकारियों के साथ इलेक्ट्रॉनिक बस (ई-बस) से तहसील दिवस में पहुंचे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत की अपील का असर अब बरेली में साफ दिखाई देने लगा है। प्रशासनिक स्तर पर लगातार नई पहल कर रहे जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने एक बार फिर अनोखी मिसाल पेश की।

शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी अविनाश सिंह सभी अधिकारियों के साथ इलेक्ट्रॉनिक बस (ई-बस) से तहसील दिवस में पहुंचे। डीएम की इस पहल ने न केवल ईंधन बचत का संदेश दिया बल्कि आम जनता के बीच पर्यावरण संरक्षण और सादगीपूर्ण प्रशासन की सकारात्मक छवि भी प्रस्तुत की।इस दौरान बस में डीपीआरओ, DSO,एडीएम समेत कई जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों का एक साथ ई-बस से तहसील पहुंचना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। तहसील परिसर में मौजूद लोगों ने

जिलाधिकारी की इस पहल की जमकर सराहना की और इसे प्रशासन की जिम्मेदार एवं प्रेरणादायक सोच बताया।
गौरतलब है कि जिलाधिकारी अविनाश सिंह पहले भी डीजल बचत और अनावश्यक सरकारी खर्च कम करने के लिए अपनी दोनों एस्कॉर्ट गाड़ियां हटाने का निर्णय ले चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को भी जरूरत के अनुसार कम वाहनों का प्रयोग करने और वैकल्पिक साधनों को अपनाने की सलाह दी थी।
डीएम की इन पहलों का असर अब प्रशासनिक तंत्र में भी दिखाई देने लगा है। कई अधिकारी पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं। कुछ अधिकारियों ने साइकिल और साझा वाहन व्यवस्था अपनाने का भी निर्णय लिया है।

संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को भी जिलाधिकारी ने गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है।