CHC अधीक्षक का बड़ा चाबुक 15 मार्च तक साक्ष्य न देने पर होगी FIR
बदायूं! सहसवान स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे अवैध अस्पताल पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, ताजा ही मामला नगर के चार नंबर चुंगी स्थित नीलम हॉस्पिटल का है, जहां बिना किसी अवैध डिग्री और पंजीकरण के धड़ले से मरीजों का इलाज किया जा रहा था सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र CHC सहसवान के चिकित्सा अधीक्षक ने अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, नियमों की उड़ी धज्जियां कानून का खौफ नहीं शिकायत के बाद सामने आया कि अस्पताल संचालक अशोक कुमार निवासी ग्राम पहाड़पुर फिरोजाबाद के पास ना तो कोई अधिकृत चिकित्सा डिग्री है, और ना ही राज्य केंद्र परिषद का पंजीकरण है। सीधे तौर पर यूनानईटेड प्रोविंस मेडिकल एक्ट 1939 और इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 की धाराओं का खुला उल्लंघन है,

बिना मानकों के संचालित इस केंद्र पर गंभीर मरीजों के साथ रिक्स लिया जा रहा है और मरीजों की सर्जरी कराई जा रही है। चिकित्सा अधीक्षक ने स्पष्ट चेतावनी दी है 15 मार्च तक सभी मूल प्रमाण पत्रों के प्रमाण प्रतियां प्रस्तुत करनी होगी साक्ष्य ना मिलने पर इसे अवैध चिकित्सा व्यवसाय मानते हुए संबंधित थाने में FIR दर्ज कराई जाएगी। इस अवैध नेटवर्क और मिलीभगत की चर्चा आम है। की स्वास्थ्य विभाग के कुछ निचले स्तर के कर्मियों की मिली भगत से क्षेत्र में ऐसे कई यमराज सक्रिय हैं,जो बिना आपातकालीन सुविधाओं और मानकों के चल रहे हैं। ये अस्पताल केवल पैसा कमाने की मशीन बन चुके हैं क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि केवल नोटिस तक सीमित न रहकर इन पर स्थाई रूप से ताला लगाया जाना चाहिए। किसी भी झोलाछाप या अस्पताल को जनता की जान से खेलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए नीलम हॉस्पिटल को नोट जारी कर दिया गया है, समय सीमा के भीतर दस्तावेज न मिलने पर चिकित्सा प्रभारी ने कठोर कानूनी कार्रवाई करने की बात कहा है।