अटल बिहारी वाजपेई, देवी भारत माता के चित्र के ऊपर भी धूल मिट्टी लगी हुई थी।

जब जिम्मेदार पस्त तो कर्मचारी क्यों ना हो मस्त


सहसवान। आज लगभग 1बजे के करीब खंड शिक्षा अधिकारी बीआरसी केंद्र कोल्हाई पर नहीं मिले कर्मचारी मौजूद ना मिले बी ई ओ अजय कुमार साफ सफाई नहीं थी प्रांगण में भरा हुआ था गंदा पानी शौचालयों का हाल बद से बदतर था हाथ धोने के लिए लगा हुआ वास वेशन पर पान गुटके के पीको से भरा हुआ था कार्यालय में लगे देवी भारत माता एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के चित्रों पर काफी गंदगी थी जो एक चिंताजनक विषय है

समय था 1 बजे खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय केंद्र कोल्हाई पर निमिष महेश्वरी मौजूद मिले उन्होंने बताया कि यहां पर तीन बाबू है !जिनका नाम इजहार अहमद, तनुज मिश्रा, एवं निमिष महेश्वरी, बाबू के पद पर कार्यरत हैं चतुर्थ कर्मचारी यहां कोई भी नहीं है कंप्यूटर ऑपरेटर महेंद्र गंगवार जो कॉमेंट कंट्रोल रूम में बदायूं अटैच चल रहे हैं!


इसी तरह सुशांत वर्मा कस्तूरबा लेखक जो बीआरसी केंद्र पर अटैच है ! आधार कार्ड राजकुमार देखते हैं !यही शिक्षकों की शिकायत है!


कि उनको कार्यालय पर उक्त कर्मचारियों द्वारा फोन करके अनावश्यक बुलाया जाता है! फिर उन्हें अपमानित किया जाता है! खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर नहीं मिलते हैं! न ही समय पर फोन उठाते हैं! उनके कार्यालय पर आधार कार्ड के लिए स्कूल के बच्चों से टीचर के माध्यम से जनरेटर के डीजल के नाम पर दी ₹30/30 की वसूली की जा रही है प्राइवेट तौर पर ₹300 से लेकर ₹400 तक आधार कार्ड के नाम पर वसूले जा रहे हैं! जबकि बीआरसी कार्यालय पर तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कार्यालय सहायक के रूप में लगाए गए हैं! जोकि कंप्यूटर की योगिता रखते हुए विभागीय कार्यों का निष्पादन कर रहे है! इनमें सिर्फ एक ही तनुज कंप्यूटर का कार्य करते हैं! अन्य दोनों अपना कार्य दूसरों से कराते हुए स्वयं अधिकारी के साथ शिक्षकों का शोषण का कार्य करते हैं! बीआरसी पर फोटोस्टेट मशीन खराब कंप्यूटर नहीं है !आदि जबकि सरकार द्वारा प्रत्येक बीआरसी केंद्रों को संस्थानों को पूर्ण कराने के लिए लाखों रूपयों को दिया गया है! जबकि यहां पर ना तो पुताई हुई है! न साफ सफाई ही दिखाई पड़ती है! अगर यही हाल रहा तो कैसे सुधरेंगे अन्य स्कूलों के हालात।

रिपोटर – सौरभ गुप्ता

Skoraj vsi pri pripravi zdravih jedi pretiravajo z oljem ali soljo, čeprav lahko okus izboljšajo sveža zelišča in začimbe. To temo je vredno podrobneje preučiti. Pravi trenutek za mehka od zunaj preprosto, riba pa hrustljava Ko se dnevi podaljšajo, je pravi čas, da podobne zamisli prenesemo v kuhinjo in jih prilagodimo svežim sestavinam. Tako nastane lahek, okusen obrok brez odvečnega kompliciranja.