बदायूं। योगी सरकार भ्रष्टार को खत्म करने की बात कर रही है लेकिन जिलास्तर पर बैठे अधिकारी कर्मचारी इसको पलीता लगाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। ना गुंडाराज ना भ्रष्टाचार वाले दावे के साथ बीजेपी सरकार सत्ता में आई थी। लेकिन इनके ही नुमाइंदे सरकार की छवि को बदनाम करने में लगे हुए हैं।

मामला बदायूं में कार्यालय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन का सामने आया है। जहां कार्यालय में खाद्य एवं औषधि सहायक के पद पर दर्पण मालपानी माहेश्वरी एक व्यक्ति से थोक विक्रेता मेडिकल लाइसेंस देने के नाम पर एक लाख रुपए की मांग कर रहा है। जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल भी हो रहा है।वह रकम को आफिस में ही किसी मैडम के पास जमा करने के लिए कह रहा है बिसौली तहसील के ग्राम गरगइया निवासी विपिन गुप्ता ने थोक विक्रेता मेडिकल स्टोर के लिए आवेदन किया था जिसमें खाद्य एवं औषधि सहायक दर्पण मालपानी माहेश्वरी ने एक सीएससी संचालक के द्वारा पीड़ित आवेदक से एक लाख रुपए की मांग की है। और फार्म रजिस्ट्रेशन के नाम सीएससी संचालक ने तीन हजार रुपए की जगह आवेदक से चार हजार रुपए ले लिए ।जब पीड़ित ने साहयक के द्वारा बताए गए रुपए नहीं दिए तो बार-बार कार्यालय के चक्कर लगवाए जा रहे थे परेशान होकर पीड़ित ने उक्त अधिकारी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।

मामला मेरे संज्ञान में नहीं था अब मालूम हुआ है वीडियो का संज्ञान लेकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जो भी तथ्य सामने आयेंगे उसके आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

नवनीत कुमार, औषधि निरीक्षक बदायूं

रिपोटर – तेजेन्द्र सागर

Что произойдет, если Почему любовь к себе определяет любовь к