कैंट क्षेत्र में दो अवैध कॉलोनियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, करीब 9 हजार वर्गमीटर में बिना अनुमति किया जा रहा था निर्माण
बरेली। शहर और आसपास के क्षेत्रों में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने थाना कैंट क्षेत्र में दो अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने वालों में हड़कंप मचा रहा।
बरेली विकास प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान ग्राम बारीनगला तथा बुखारा रोड, थाना कैंट क्षेत्र में विकसित की जा रही दो अवैध कॉलोनियों को निशाना बनाया गया। प्राधिकरण के अनुसार दोनों स्थानों पर बिना विकास प्राधिकरण की स्वीकृति प्राप्त किए भूखंडों का चिन्हांकन कर सड़क, गेट और बाउंड्रीवाल आदि का निर्माण कराया जा रहा था।


बारीनगला में 4000 वर्गमीटर में विकसित हो रही थी अवैध कॉलोनी


प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार वरुण शंखवार द्वारा ग्राम बारीनगला, थाना कैंट में ‘आरौही इन्कलेव’ के नाम से लगभग 4000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी।
यहां विकास प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त किए बिना भूखंडों का चिन्हांकन किया गया था। साथ ही कॉलोनी के अंदर सड़क निर्माण, प्रवेश द्वार तथा बाउंड्रीवाल आदि का कार्य कराया जा रहा था। प्राधिकरण की जांच में निर्माण एवं विकास कार्य नियमों के अनुरूप स्वीकृत न पाए जाने पर प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।


बुखारा रोड पर 5000 वर्गमीटर में चल रहा था विकास कार्य


इसी तरह दूसरी कार्रवाई थाना कैंट क्षेत्र के बुखारा रोड पर की गई। यहां नेम चंद्र सक्सेना एवं पोषाकी लाल उपाध्याय द्वारा लगभग 5000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बिना बरेली विकास प्राधिकरण की स्वीकृति के कॉलोनी विकसित करने का कार्य कराया जा रहा था।
प्राधिकरण के मुताबिक इस स्थल पर भी भूखंडों का चिन्हांकन करने के साथ सड़क एवं बाउंड्रीवाल आदि का निर्माण कराया जा रहा था। मौके पर चल रहे इन विकास कार्यों को प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना किया जा रहा था। इसके बाद प्रवर्तन टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
कुल करीब 9 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में हो रहा था अवैध विकास
कैंट क्षेत्र में जिन दोनों कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, उनका कुल क्षेत्रफल लगभग 9000 वर्गमीटर बताया गया है। प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि बिना स्वीकृति भूखंडों की प्लॉटिंग, सड़क, गेट, बाउंड्रीवाल अथवा अन्य विकास कार्य कराना नियमों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में प्राधिकरण द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगर योजना एवं विकास अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई
बरेली विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि दोनों अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की गई। प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से किए जा रहे विकास कार्यों को ध्वस्त कराया।
प्राधिकरण की ओर से लगातार अवैध कॉलोनियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शहर के नियोजित विकास और नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
बीडीए की कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप
लगातार हो रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने वालों में हड़कंप की स्थिति है। प्राधिकरण की ओर से लोगों से भी अपील की जा रही है कि किसी भी अवैध कॉलोनी में भूखंड खरीदने से पहले उसकी वैधता और बरेली विकास प्राधिकरण से मिली स्वीकृतियों की जांच अवश्य कर लें, ताकि भविष्य में उन्हें आर्थिक नुकसान या कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े।