प्राथमिक विद्यालय भोरमऊ, फूलपुर का निरीक्षण कर बच्चों से किया संवाद, पढ़ाई और व्यवस्थाओं का लिया जायजा
आजमगढ़। शिक्षक दिवस के अवसर पर आजमगढ़ के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार का अलग ही अंदाज देखने को मिला। जिलाधिकारी ने शिक्षक की भूमिका निभाते हुए प्राथमिक विद्यालय भोरमऊ, फूलपुर का निरीक्षण किया और छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई-लिखाई एवं शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों से विभिन्न विषयों से जुड़े सवाल पूछे और उनके शैक्षिक स्तर को परखा। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करते हुए मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखने के महत्व पर जोर दिया।


जिलाधिकारी ने विद्यालय में शिक्षण व्यवस्था, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, साफ-सफाई, पेयजल, कक्षाओं एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
शिक्षक दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी का बच्चों के बीच शिक्षक की भूमिका में पहुंचना खासा चर्चा का विषय रहा। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है।


जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने शिक्षकों का सम्मान करें, नियमित रूप से विद्यालय आएं और जीवन में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार के संबंध में संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षकों को दिशा-निर्देश भी दिए। उनके इस अंदाज ने शिक्षक दिवस के अवसर पर ‘शिक्षक ही राष्ट्र के भविष्य का निर्माता है’ संदेश को सार्थक किया।