भिवाड़ी, अगस्त 30, 2025: मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, द्वारका, ने आज भिवाड़ी के श्रीकृष्ण हॉस्पिटल, में पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स ओपीडी सेवाओं की शुरुआत की। यह सेवाएं मैक्स सुपर स्पेशलिटी

हॉस्पिटल, द्वारका, के ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के सीनियर डायरेक्टर एवं यूनिट हेड – डॉ. दीपक रैना और पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स विभाग के प्रिंसिपल कंसल्टेंट – डॉ. सुर्भित रस्तोगी की उपस्थिति में शुरू की गईं।

डॉ. सुर्भित रस्तोगी हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक प्राथमिक परामर्श और फॉलो-अप के लिए उपलब्ध रहेंगे।

लॉन्च के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, द्वारका, के ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के सीनियर डायरेक्टर एवं यूनिट हेड – डॉ. दीपक रैना ने कहा, “भिवाड़ी में विशेष पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स ओपीडी सेवाओं की शुरुआत से अब मरीजों को महानगरों तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इस पहल से बच्चों को उनके घर के पास ही समय पर एडवांस्ड डायग्नोसिस और ट्रीटमेंट की सुविधा मिलेगी। हमारा उद्देश्य बच्चों की वृद्धि को संवारने के लिए समग्र, संवेदनशील और विश्वस्तरीय ऑर्थोपेडिक देखभाल उपलब्ध कराना है, जिससे वे अपनी पूरी क्षमता तक पहुँच सकें।”

इस अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, द्वारका, के पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स विभाग के प्रिंसिपल कंसल्टेंट – डॉ. सुर्भित रस्तोगी ने कहा, “पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स का मुख्य उद्देश्य जन्मजात डेफोर्मिटीज़ जैसे हाथ-पैर का टेढ़ापन, क्लब फुट, सेरेब्रल पाल्सी से जुड़े विकास में विलंब, लंगड़ापन, हाथ-पैर की लंबाई में असमानता, कैल्शियम और विटामिन D3 की कमी से होने वाला रिकेट्स, बच्चों में हड्डियों के ट्यूमर, फ्रैक्चर, रीढ़ की समस्याएं और विकास से जुड़ी अन्य

असमानताओं की पहचान कर उनका सही समय पर उपचार करना है। शुरुआती ट्रीटमेंट से लंबे समय की विकलांगता रोकी जा सकती है, डेफोर्मिटीज़ को प्रभावी ढंग से सुधारा जा सकता है और बच्चों को सक्रिय और स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिलती है। कई बार माता-पिता शुरुआती संकेतों जैसे लंगड़ाना, अंगों की असमान वृद्धि या लगातार जोड़ों में दर्द को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि समय पर चिकित्सा बच्चे के विकास और भविष्य की गतिशीलता में बड़ा बदलाव ला सकता है।”

Quand le café du matin refroidit trop vite, c'est souvent une question de préparation. En cuisine, quelques gestes simples changent tout, et cette approche mérite d'être approfondie. Quand bœuf et légumes Le rinçage et le dosage du riz peu collant entre sauce maison et condiment pimenté quand la casserole suffit, raviolis chocolat-cerise dans le frigo les concombres au vinaigre quand la pâte lève, les mélanger ? Faut-il cuire la tomate ça paraît simple : 71 à la poêle, préserver l'ail des pour le matin, galettes en été, travers de porc Les conseils des proches ne fonctionnent pas toujours : pour réussir une recette inspirée des cafés et restaurants, mieux vaut ajuster les quantités selon les produits disponibles.