
“रिश्वत नहीं देंगे तो टैंकर को तीन महीने से रखा खड़ा ?” व्यापारियों की आत्मदाह की चेतावनी, पुलिस में शिकायत दर्ज
बरेली, 22 जुलाई। बरेली के आंवला स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के डिपो पर मंगलवार को उस समय हंगामा मच गया जब बड़ी संख्या में व्यापारी डिपो गेट पर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। व्यापारियों ने डिपो मैनेजर व जीऍम रंजन कुमार पर खुलेआम रिश्वत मांगने और ट्रांसपोर्टरों से जबरन पैसा वसूलने का गंभीर आरोप लगाया है।

रामपुर जिले के थाना मिलक क्षेत्र के धनेती पूर्वी निवासी लालजीत नामक ट्रांसपोर्टर ने बताया कि उसकी खाली गाड़ी का ताला रास्ते में गिर गया था, जिसकी ऑनलाइन शिकायत पुलिस में की गई थी। जांच के बाद क्लीन चिट भी मिल गई और कंपनी के खाते में ताले का 37,760 रुपए का भुगतान भी कर दिया गया। इसके बावजूद, आरोप है कि डिपो मैनेजर ने लालजीत से रिश्वत की मांग की इस कारण टैंकर को 3 महीने तक तेल नहीं दिया और खड़ा रखा।
इस घटना से नाराज़ व्यापारियों का कहना है कि यह एक व्यक्ति की नहीं, पूरे परिवहन और व्यापारिक समुदाय की समस्या है। डिपो मैनेजर अपने जीएम रंजन कुमार के साथ मिलकर लगातार ट्रांसपोर्टरों से अवैध पेमेंट के लिए दबाव बना रहा है। विरोध स्वरूप व्यापारियों ने गेट पर प्रदर्शन करते हुए आत्मदाह तक की चेतावनी दे डाली।

हालात तनावपूर्ण होते देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। स्थिति को संभालने के लिए डिपो मैनेजर ने पांच व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल से करीब एक घंटे तक बातचीत की, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।
व्यापारियों ने आंवला थाने के इंस्पेक्टर कुंवर बहादुर सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि भ्रष्टाचार में लिप्त डिपो मैनेजर व जीएम रंजन कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। इस पर इंस्पेक्टर ने आश्वासन दिया कि प्रार्थना पत्र के आधार पर जांच कर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
इस घटना ने एचपीसीएल के कामकाज और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो व्यापारी व ट्रांसपोर्टर समुदाय उग्र आंदोलन के साथ हड़ताल के लिए बाध्य होगा।
प्रदर्शनकारी व्यापारियों में शोभित सक्सेना, सुनील गुप्ता, प्रेमपाल सोलंकी, राजू मित्तल, डॉ विजय वर्मा, वरुण अग्रवाल, गुलजारी लाल चंद्रा, मशकूर खां, विजय गुप्ता, अमित शर्मा, अनुपम शंखधार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।