बदायूं। जिले में कई जगह गोवंशों की दुर्दशा का सिलसिला बदसूरत जारी है शहर की नगर पालिका से लेकर गांव तक की गौशालाओं में गोवंशों की मौत हो रही है। जिस पर जिले के जिम्मेदार अधिकारी खामोश है कहीं गोवंशों तेजाब फेंका जा है तो कहीं खूंखार कुत्ते गौवंशों को नोंचकर खा रहे हैं। जिससे गौवंशों की लगातार मौतें हो रही हैं जिसकी शिकायत शासनस्तर तक की गई है उसके बाद भी जिम्मेदार आंख मूंद कर बैठे हैं।
पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने शहर नगर पालिका की बेहद दर्दनाक हालातों देख कर नाराजगी जाहिर की है उन्होंने कहा है जिसमें गाय ने बच्चे को जन्म दिया, इतनी ठंड में गोबर और भूसे पर प़डा तड़पता दिखाई दे रहा हैं, फोन करने के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

दूसरा मामला ब्लॉक दहगवां ग्राम पंचायत कस्बा भगता नगला की गौशाला में कुत्तों ने जिंदा दो गायों को आधा नोंच खा लिया जिससे उन गायों की मौत हो गई, गौशाला का केयरटेकर हमेशा गायब रहता है इस मामले की कई बार प्रधान व सचिव से शिकायत की गई लेकिन कुत्तों को रोकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है, इस संबंध में ग्राम प्रधान से बात की गई इस उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया शिकारी कुत्तों की वजह से गोवंशों की दुर्दशा हो रही हैं इस अमानवीयता स्थिति के लिए आखिर जिम्मेदार कौन?
तीसरा मामला ब्लॉक समरेर,के गांव नेता झुकसा में गोवंश की दुर्दशा और हृदय विदारक तस्वीर सामने आई हैं
जितनी गौवंशों की दुर्दशा तड़प वर्तमान सरकार में हो रही है इतनी कभी नहीं हुई शहर के थाना कोतवाली में नई सराय और मालवीय गंज चौकी क्षेत्र में गौवंश पर तेजाब डालकर अमानवीयता दिखाई हैं इस पर शासन प्रशासन मौन है जिसका उपचार पशु प्रेमी द्वारा किया जा रहा है।
विकेंद्र शर्मा ने शहर नगर पालिका समेत कई गौशालाओं की शिकायत मुख्य सचिव , डीएम और पशु प्रेमी मेनका गांधी से की है जिसमें जनपद में हो रही गौवंशों की दुर्दशा चर्चा की गई हैं। पशु चिकित्सा अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।