
बदायूं।आजाद अधिकार सेना के जिलाध्यक्ष ने राष्ट्रपति को संबोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।सोमवार के लिए 2007 में गोरखपुर में दंगों में हताहत लोगों न्याय दिलाने जाने के लिए एक न्यायिक आयोग तथा पुलिस की एसआईटी गठित किए जाने के संबंध में कहा है। जनवरी 2007 में यूपी के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भड़काऊ भाषण के आरोप में हुई गिरफ्तारी के बाद गोरखपुर मंडल तथा उसके आसपास के कई जिलों में गंभीर संगीन घटनाएं हुई इसमें कई लोग हताहत हुए इस पूरे घटनाक्रम में योगी आदित्यनाथ तथा संगठन हिंदू युवा वाहिनी का नाम आया था राजनीति की वजह से यह मामला पूरी तरह दब गया और मामले के अभियुक्त के विरुद्ध कभी भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं

हुई।योगी आदित्यनाथ निरंतर अपराध और अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई की बात करते हैं वही सीधे उनके और उनके संगठन से जुड़े प्रकरण में अब तक लोगों को न्याय नहीं मिल सका है। 2007 गोरखपुर दंगों के प्रकरणों का सही अनावरण और दोषियों को दंडित नही किया। मामला अभी तक लंबित है जबकि यह घटना योगी आदित्यनाथ से जुड़ी है।
आजाद अधिकार सेना ने यह कि उनकी नैतिक और विधिक जिम्मेदारी है कि वह इस घटना को सही से सामने लाकर उन्हें दंडित करे तथा इस ज्ञापन के माध्यम से 2007 में गोरखपुर दंगों के संबंध में प्रशासनिक जांच हेतु एक न्यायिक आयोग तथा उसे समय घटित अपराधों की गहन विवेचना हेतु एक उच्चस्तरीय एसआईटी का गठन कर उन दंगों में हाताहत लोगों को न्याय दिलाया जाए। इस मौके पर
जिला अध्यक्ष पंकज गुप्ता, जोनल प्रभारी शिवराज सिंह यादव ,महिला प्रकोष्ठ मंडल अध्यक्ष कमरुल निशा ,अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष अनवर अली , सोशल मीडिया प्रभारी मंडल बरेली इंतजार हुसैन शामिल रहे।



