संविलियत विद्यालय सादुल्लापुर भितारा विकास क्षेत्र सालारपुर में विद्यालयों की शानदार एनिमेटेड कैरेक्टर मीना का जन्मदिन बहुत धूम धाम से मनाया गया। विद्यालय में मीना मंच की सुगमकर्ता श्रीमती मंजू सिंह के नेतृत्व में मीना मंच के सभी बच्चों द्वारा विद्यालय में सजावट की गई, रंगोली बनाई गई एवं सभी बच्चों के द्वारा केक काटकर मीना के जन्मदिन की बधाई दी गई ।स्कूल के प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार ने बच्चों को अवगत कराया कि मीना एक साहसी, खुशमिज़ाज और सवाल पूछने वाली 9 साल की बच्ची है । वह शिक्षा, स्वास्थ्य और समानता के लिए आवाज़ उठाती है। मीना मंच के माध्यम से बच्चों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और जीवन कौशल का विकास किया जाता है।

उसके साथ उसका छोटा भाई राजू और उसका बेहद समझदार पालतू तोता ‘मिट्ठू’ होते हैं। मिट्ठू अक्सर मीना को मुश्किल समस्याओं को हल करने में मदद करता है। 24 सितंबर को ‘मीना दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इस प्रसिद्ध चरित्र को रेखांकित (एनिमेट) करने का मुख्य श्रेय प्रसिद्ध भारतीय कार्टूनिस्ट राम मोहन को जाता है।
सहायक अध्यापक रिंकी हरवंश द्वारा बताया गया कि मीना मंच विद्यालयों में गठित छात्र-छात्राओं का समूह है | पहले ‘मीना मंच’ का प्रावधान उच्च प्राथमिक विद्यालयों और कस्तूरबा गान्धी बालिका आवासीय विद्यालयों में किया गया था | वर्ष 2019 से प्राथमिक विद्यालयों में भी ‘मीना मंच का गठन किया गया है | । यह समूह समाज में फैले अन्धविश्वास और कुरीतियों का विरोध करता है और उन्हें दूर करने का प्रयास करता है | ‘मीना मंच’ बालिकाओं की सुरक्षा और शिक्षा के लिए संकल्पबद्ध है ।
मीना मंच में प्रत्येक शनिवार को होने वाली मीना सभा मे विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा, वाद-विवाद, चित्रकला, गीत, कहानी और सृजनात्मक लेखन के माध्यम से विचार-विमर्श और मन्थन किया जाता है । मीना मंच के अंतर्गत बालिका शिक्षा के महत्व पर चर्चा,
समाज में फैली कुरीतियों पर चर्चा और इन्हें रोकने के उपाय करना , किशोरावस्था सम्बन्धी समस्याओं पर चर्चा ,स्वस्थ, पोषण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना , विद्यालय छोड़ चुकी बालिकाओं को प्रेरित करके पुनः विद्यालय में नामांकन कराना , बालिकाओं की शिक्षा में रुचि न लेने वाले अभिभावकों को समझाना आदि हैं। बच्चों को मीना के जन्मदिन के उपलक्ष्य में केक एवं मिष्ठान का वितरण किया गया। सभी बच्चे बहुत आनंदित हुए। इस अवसर पर जयवीर सिंह, अंजली श्रीवास्तव, कुसुम , रुचि शर्मा, आर्येंद्र सिंह आदि लोग उपस्थित रहे ।

Med pečenjem in kuhanjem zelenjave je razlika večja, kot se zdi: prvi način poudari okus, drugi pa ohrani več svežine. Vredno je raziskati, kako izbrati najboljši pristop. Boljše kot kuhanje ali Prav pri takšnih jedeh majhna podrobnost pogosto odloči o okusu: zelenjavo solimo šele proti koncu, da ostane čvrsta in sveža.