
बरेली का कुख्यात सनराइज अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार अस्पताल के मैनेजर और भीम आर्मी के बरेली मंडल उपाध्यक्ष सोहेल खान के खिलाफ पत्रकारों को गाली-गलौज और हॉकी से दौड़ा-दौड़ाकर मारने की धमकी देने के मामले में FIR दर्ज हो गई है। इससे पहले भी गंभीर चिकित्सा लापरवाही और आयुष्मान कार्ड घोटाले को लेकर सनराइज अस्पताल के मैनेजर, भीम आर्मी मंडल उपाध्यक्ष सोहेल खान और अस्पताल के मालिक डॉ. रेहान अहमद पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है।

नया मामला 28 अगस्त 2026 का है। सनराइज अस्पताल में मरीज के तीमारदारों द्वारा एंबुलेंस से मरीज को लाने और अधिक बिल बनाने की शिकायत के बाद पत्रकार मामले की कवरेज के लिए इज्जतनगर थाने पहुंचे थे। इसके बाद पत्रकार सनराइज अस्पताल के बाहर भी पहुंचे और पूरे मामले की कवरेज की। इसी दौरान अस्पताल के मैनेजर सोहेल खान पर पत्रकारों के साथ गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप लगे।
इसके बाद एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें पत्रकारों को मां-बहन की गालियां देने और दरोगा नहीं होने पर हॉकी से दौड़ा-दौड़ाकर मारने की धमकी देने की बात सामने आई।

मामला बढ़ा तो बरेली के पत्रकारों में भारी आक्रोश फैल गया। पत्रकारों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और पत्रकारों की सुरक्षा की मांग की। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष आलोक गुप्ता “सिटिल” एवं अन्य वरिष्ठ पत्रकार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिले, इसके बाद अधिकारियों के आदेश पर सोहेल खान के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है।

लेकिन यह कार्रवाई केवल 28 अगस्त की घटना तक सीमित नहीं है। 28 नवंबर 2025 को पत्रकार संतोष शाक्य के साथ भी सोहेल खान पर हमला करने की वीडियो सामने आई थी। उस मामले में शिकायत किए जाने के बावजूद FIR दर्ज नहीं हुई थी। अब नई FIR के बाद पुराने मामले में भी कार्रवाई की मांग तेज होना तय माना जा रहा है।
सनराइज अस्पताल को लेकर पहले से ही कई गंभीर मामले सामने आते रहे हैं। टीटू वाल्मीकि की संदिग्ध मौत, मरीजों के गलत उपचार और अस्पताल में भर्ती से जुड़े आरोपों के अलावा उर्वेश की मौत और चिकित्सकीय लापरवाही तथा आयुष्मान योजना से जुड़े मामले में सोहेल खान और डॉक्टर रेहान अहमद के खिलाफ FIR पहले ही दर्ज हो चुकी है। इसके बाद अस्पताल की संचालिका डॉक्टर शबीना खान का बयान भी आया था कि उनके द्वारा सोहेल खान को अस्पताल से निकाल दिया गया है लेकिन वह लगातार अस्पताल में काम करता रहा जिसके कारण अब यह नया मामला सामने आया।
इसके अलावा भीम आर्मी नेता सोहेल खान के एंबुलेंस नेटवर्क से बहेड़ी और आसपास के क्षेत्रों से मरीजों को एंबुलेंस के जरिए सनराइज अस्पताल लाने को लेकर भी गंभीर सवाल उठते रहे हैं। आरोप है कि एक बड़ा एंबुलेंस नेटवर्क संचालित किया जा रहा है, जिसके जरिए मरीजों को उनके नजदीकी अस्पताल के बजाय सनराइज अस्पताल लाया जाता है। इन आरोपों की भी जांच की मांग लगातार उठ रही है।
सोहेल खान के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। वर्ष 2021 में तत्कालीन जिलाधिकारी नीतीश कुमार द्वारा गुंडा एक्ट की कार्रवाई की संस्तुति किए जाने का रिकॉर्ड भी सामने आया है।
सोहेल खान भीम आर्मी का जिला उपाध्यक्ष था लेकिन उस पर मरीज उर्वेश के गलत उपचार और आयुष्मान धोखाधड़ी मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद उसे मंडल उपाध्यक्ष बना दिया गया था। अब नए मामले को लेकर भीम आर्मी के नेताओं का अब तक कोई स्पष्ट पक्ष सामने नहीं आया है। सवाल यह भी है कि जब भीम आर्मी नेता सोहेल खान पर पहले से गंभीर आरोप और मामले सामने आ चुके थे, तब संगठन ने उसके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसे और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी कैसे दी। अब पत्रकारों को धमकी देने के मामले में FIR दर्ज होने के बाद भीम आर्मी नेतृत्व की प्रतिक्रिया का भी इंतजार है।
अब 28 अगस्त की घटना में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। क्या जांच केवल पत्रकारों को धमकी देने तक सीमित रहेगी या सनराइज अस्पताल और सोहेल खान से जुड़े दूसरे गंभीर मामलों की भी कड़ियां जोड़ी जाएंगी?
फिलहाल इतना साफ है कि लगातार सामने आ रहे मामलों और अब पत्रकारों को धमकी के मुकदमे ने सनराइज अस्पताल और उसके मैनेजर सोहेल खान पर पुलिस-प्रशासन के दबाव को बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में सनराइज अस्पताल और उससे जुड़े लोगों पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।