
M-Check App पर अमान्य मिला इंटर-स्टेट ट्रांजिट पास, चालक-वाहन स्वामी समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज
बरेली, 11 अगस्त 2026।
जनपद बरेली में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन और खनन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। जिलाधिकारी बरेली के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है। इसी अभियान के दौरान बहेड़ी क्षेत्र में एक वाहन द्वारा कथित तौर पर अमान्य इंटर-स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) के माध्यम से खनिज परिवहन किए जाने का मामला सामने आया है। जांच में ISTP के अमान्य पाए जाने के बाद खनन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वाहन चालक, वाहन स्वामी और अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है।
मुड़िया मुकर्रमपुर टोल प्लाजा के पास हुई जांच..
प्राप्त जानकारी के अनुसार अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मुड़िया मुकर्रमपुर टोल प्लाजा के निकट उप जिलाधिकारी बहेड़ी द्वारा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यहां से गुजरने वाले खनिज लदे वाहनों के अभिलेखों और परिवहन संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
इसी क्रम में 11 अगस्त 2026 को ड्यूटी पर तैनात लेखपाल शुभम राजपूत तथा दिवाकर गंगवार द्वारा वाहन संख्या UP25ET5358 को जांच के लिए रोका गया। वाहन के परिचालक द्वारा खनिज परिवहन से संबंधित Inter-State Transit Pass (ISTP) प्रस्तुत किया गया।
M-Check App पर जांच में Invalid मिला ISTP..
वाहन परिचालक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज का सत्यापन जब M-Check App के माध्यम से किया गया तो संबंधित ISTP Invalid पाया गया। अभिलेख में ISTP संख्या 6863202601942701145 तथा Origin Transit Pass No. OJ00422222394, दिनांक 11 अगस्त 2026 अंकित था।
दस्तावेज में खनिज के स्रोत के रूप में Origin Village Hathikhal, Tehsil Lalkuan, District Nainital, Uttarakhand दर्शाया गया था, जबकि वाहन की Entry एवं Destination District Bareilly अंकित थी।
ISTP के सत्यापन के दौरान उसके अमान्य पाए जाने पर मौके पर मौजूद अधिकारियों को दस्तावेज की वैधता पर संदेह हुआ। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई।
नायब तहसीलदार ने वाहन थाना बहेड़ी के सुपुर्द किया
उप जिलाधिकारी बहेड़ी के आदेश के क्रम में नायब तहसीलदार बहेड़ी श्री दिवाकर सिंह द्वारा संबंधित वाहन को आवश्यक कार्रवाई के लिए थाना बहेड़ी के सुपुर्द कर दिया गया।
इसके साथ ही पूरे प्रकरण की जानकारी खनन अधिकारी बरेली को दी गई, ताकि खनिज परिवहन से संबंधित दस्तावेजों और ISTP की तकनीकी स्तर पर जांच कराई जा सके।
खनन अधिकारी की जांच में भी ISTP अमान्य..
सूचना मिलने के बाद खनन विभाग के अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर प्रकरण की जांच की गई। इस दौरान M-Check App पर संबंधित ISTP को पुनः चेक किया गया, जिसमें वह Invalid पाया गया।
दस्तावेज के अमान्य पाए जाने के बाद खनन विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए संबंधित वाहन के चालक, वाहन स्वामी एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच शुरू की।
प्रकरण में खनन अधिकारी द्वारा थाना बहेड़ी में सुसंगत धाराओं के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। पुलिस द्वारा मामले की विवेचना की जा रही है और दस्तावेज तैयार करने, उपलब्ध कराने तथा खनिज परिवहन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।
वैध दस्तावेज के बिना खनिज परिवहन पर होगी कार्रवाई..
जिला प्रशासन और खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में खनिजों के परिवहन के लिए वैध ISTP एवं आवश्यक अभिलेखों का होना अनिवार्य है। किसी भी वाहन में बिना वैध दस्तावेज के खनिज पाए जाने अथवा अमान्य/संदिग्ध ISTP के माध्यम से खनिज परिवहन का प्रयास किए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक खनिज परिवहन से जुड़े दस्तावेजों का डिजिटल माध्यम से सत्यापन किए जाने के कारण अब फर्जी अथवा अमान्य प्रपत्रों के सहारे खनिजों का परिवहन करना आसान नहीं होगा। M-Check App के माध्यम से मौके पर ही दस्तावेज की वैधता की जांच की जा रही है।
अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान रहेगा जारी..
जोनल खनन अधिकारी अजय यादव ने बताया कि कमिश्नर एवं जिलाधिकारी बरेली के निर्देशों के क्रम में जनपद में अवैध खनन और अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की नियमित जांच की जा रही है और जहां भी दस्तावेजों में अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अमान्य ISTP, फर्जी अभिलेख अथवा बिना वैध प्रपत्रों के खनिज परिवहन करने वालों के प्रति किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य अवैध खनन और अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाना तथा शासन के राजस्व को होने वाली संभावित क्षति को रोकना है।
फिलहाल वाहन को थाना बहेड़ी के सुपुर्द किए जाने और मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस एवं संबंधित विभाग मामले की आगे की जांच में जुटे हैं। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि अमान्य ISTP का इस्तेमाल किस स्तर पर और किस उद्देश्य से किया गया तथा इस पूरे प्रकरण में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।