कांवड़ यात्रा और उर्स जैसे दो बड़े आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में प्रशासन-पुलिस की रणनीति की मुख्यमंत्री ने की प्रशंसा, एसएसपी अनुराग आर्य ने पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा..


बरेली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को सभी जिलों के अधिकारियों के साथ आयोजित ऑनलाइन समीक्षा बैठक में कांवड़ यात्रा एवं अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जोन से कांवड़ यात्रा की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने बरेली का विशेष उल्लेख करते हुए यहां के पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली और आपसी समन्वय की खुलकर सराहना की।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “संवाद कितना महत्वपूर्ण होता है, यह बरेली से सीखना चाहिए।” उन्होंने कहा कि बरेली में एक साथ दो अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील धार्मिक आयोजन—कांवड़ यात्रा तथा विश्व प्रसिद्ध आला हज़रत उर्स—संपन्न हो रहे हैं। उर्स में देश-विदेश से आने वाले 10 लाख से अधिक जायरीन शामिल होते हैं, जबकि कांवड़ यात्रा में भी बड़ी संख्या में शिवभक्त जनपद से होकर गुजरते हैं। ऐसे में दोनों आयोजनों का शांतिपूर्ण संचालन केवल प्रशासन, धर्मगुरुओं और समाज के बीच लगातार बने संवाद के कारण ही संभव हो सका।
मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि उर्स प्रबंधन द्वारा आयोजन की तिथि आगे बढ़ाकर प्रशासन का सहयोग किया गया। वहीं कांवड़ समितियों ने भी पूरी सकारात्मक सोच के साथ सहयोग दिया। उन्होंने उर्स के दौरान शाकाहारी लंगर आयोजित करने के निर्णय का भी स्वागत किया और कहा कि यह सामाजिक सद्भाव, पारस्परिक सम्मान और भाईचारे का उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते संवाद स्थापित नहीं किया गया होता, तो इतने बड़े दोनों आयोजनों को एक साथ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना कठिन हो सकता था।


मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी को बरेली पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पिछले कई महीनों से जिलाधिकारी अविनाश सिंह, डीआईजी अजय कुमार साहनी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के नेतृत्व में सुरक्षा, यातायात, कानून व्यवस्था और जनसुविधाओं को लेकर लगातार समीक्षा बैठकें, धार्मिक संगठनों के साथ संवाद और मैदानी निरीक्षण किए जा रहे हैं। यही कारण है कि बरेली विकास कार्यों, आईजीआरएस शिकायत निस्तारण और अपराध नियंत्रण जैसे कई क्षेत्रों में भी प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल है।


एसएसपी अनुराग आर्य ने किया पैदल गश्त, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा..


कांवड़ यात्रा और उर्स के दृष्टिगत गुरुवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने थाना कोतवाली पुलिस एवं पर्याप्त पुलिस बल के साथ बिहारीपुर चौकी से इस्लामिया होते हुए अय्यूब खां चौराहे तक पैदल गश्त की।
इस दौरान प्रमुख मार्गों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। एसएसपी ने आमजन एवं व्यापारियों से संवाद करते हुए उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया तथा पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि ड्यूटी के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन जांच की जाए, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा यातायात व्यवस्था को हर हाल में सुचारु बनाए रखा जाए


फूलप्रूफ सुरक्षा व्यवस्था, हर संवेदनशील बिंदु पर प्रशासन की नजर..


इस बार बरेली में कांवड़ यात्रा और उर्स को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख मंदिरों, धार्मिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। क्विक रिस्पॉन्स टीमों की तैनाती, सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों की निगरानी, महिला सुरक्षा के लिए विशेष महिला शक्ति केंद्र, सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मॉनिटरिंग तथा लगातार पैदल गश्त जैसी व्यवस्थाओं से पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
प्रशासन का प्रयास केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं और जायरीन दोनों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि पुलिस लगातार आमजन से संवाद स्थापित कर रही है और हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।


पिछले वर्ष हेलीकॉप्टर से हुई थी पुष्पवर्षा, इस बार भी तैयारियां तेज


पिछले वर्ष जिलाधिकारी अविनाश सिंह की पहल पर पहली बार कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया था, जिसकी प्रदेशभर में चर्चा हुई थी। इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की तैयारी की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि इससे शिवभक्तों का उत्साह बढ़ेगा और धार्मिक आस्था का सम्मान भी होगा।


बरेली बना प्रदेश के लिए उदाहरण..


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ऑनलाइन समीक्षा बैठक में बरेली मॉडल की सराहना इस बात का प्रमाण है कि बेहतर संवाद, संवेदनशील प्रशासन, मजबूत पुलिस व्यवस्था और समाज के सभी वर्गों के सहयोग से बड़े से बड़े धार्मिक आयोजनों को भी शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा सकता है। बरेली ने यह साबित किया है कि संवाद ही विश्वास की सबसे बड़ी नींव है और यही किसी भी संवेदनशील आयोजन की सफलता की कुंजी भी।

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