बदायूँ/सहसवान। योगीराज में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के दावों के बीच सहसवान तहसील में एक लेखपाल पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। एक विधवा महिला ने आरोप लगाया है कि क्षेत्रीय लेखपाल कामेश कुमार ने भारी आर्थिक लेनदेन कर उसकी जमीन की विरासत में फर्जीवाड़ा कर दिया और गैर-लोगों को वारिस बना दिया। पीड़िता पिछले कई दिनों से न्याय के लिए तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर काट रही है।

यह मामला तहसील सहसवान के ग्राम आंतर का है। यहाँ की निवासी सोमवती पत्नी स्वर्गीय रमेश चन्द्र ने जिलाधिकारी बदायूँ को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पति रमेश चन्द्र की मृत्यु 28/01/2024 को हो गई थी। पति के नाम ग्राम आंतर में गाटा संख्या 25, 37, 44, 47, 357क, 385 व 385ख की कृषि भूमि दर्ज है। कानूनी तौर पर इस जमीन की वारिस वह खुद और उनका बेटा जशंकर है।

पीड़िता का आरोप है कि 10/09/2024 को जब वह बेटे के साथ विरासत दर्ज कराने क्षेत्रीय लेखपाल कामेश कुमार के पास गई, तो लेखपाल ने उनसे आधार कार्ड, मृत्यु प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज ले लिए और ऑनलाइन विरासत दर्ज करने का भरोसा दिया।

सोमवती का आरोप है कि लेखपाल ने मिलीभगत कर किसी अन्य मोबाइल नंबर से ऑनलाइन आवेदन किया और उसमें अनीता देवी पत्नी सोमवीर व 2 वर्षीय बच्ची कुमारी अनन्या पुत्री सोमवीर को आवेदक/वारिस बना दिया। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि अनीता देवी न तो ग्राम आंतर की निवासी है और न ही उसका मृतक रमेश चन्द्र से कोई पारिवारिक संबंध है।

पीड़िता ने सीधे आरोप लगाया है कि लेखपाल ने “भारी आर्थिक समझौता” कर जानबूझकर फर्जी व कूटरचित तरीके से विरासत दर्ज की है। इस पूरे खेल का वीडियो भी पीड़िता के पास मौजूद बताया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सहसवान तहसील आए दिन जमीनों के विवादों को लेकर सुर्खियों में रहती है। राजस्व मामलों में हेराफेरी की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। चर्चा ये भी है कि सहसवान तहसील में कई लेखपाल काफी वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद एक ही जगह जमे हुए हैं, जबकि नियमानुसार 3 साल में तबादला होना चाहिए।

सहसवान तहसील में लंबे समय से एक ही जगह जमे लेखपालों का नेटवर्क बन जाता है, जिससे मनमानी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। अब सवाल उठ रहा है कि जब योगी सरकार में भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, तो क्या लेखपाल इतने बेलगाम हो गए हैं कि विधवा महिलाओं की जमीन तक हड़पने से नहीं चूक रहे।

पीड़िता सोमवती ने डीएम से मांग की है कि संबंधित लेखपाल व अन्य अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कराकर उसे न्याय दिलाया जाए।