बदायूं। जिला निरीक्षण समिति ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण और नकपुर गली नंबर एक स्थित स्वैच्छिक संगठन दलित ग्रामीण विकास संस्थान द्वारा संचालित इकाई का औचक निरीक्षण किया। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अरुण कुमार की अध्यक्षता में हुए इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य अनाथ बच्चों के खान-पान, रहन-सहन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखना था।
संस्थाओं में कुल 6 बच्चे रह रहे, प्रक्रियाएं जारी
निरीक्षण के दौरान दलित ग्रामीण विकास संस्थान के सचिव अनूप सक्सेना ने बताया कि वर्तमान में संस्था में चार बच्चे रह रहे हैं। सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा चुका है और वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। बच्चों की कानूनी प्रक्रिया चल रही है, जबकि दो बच्चों को गोद (दत्तक) दिलाया जा चुका है। वहीं, राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण महिला अस्पताल के प्रबंधक समन्वयक ने बताया कि वहां दो बच्चे रह रहे हैं, जिनका स्वास्थ्य सामान्य है। इनमें से एक बच्चे की लीगल प्रक्रिया गतिमान है।
मानकों से समझौता नहीं, सीसीटीवी लगाने के आदेश
एडीएम प्रशासन अरुण कुमार ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से दोनों गृहों में तत्काल सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए और गृहों में आने-जाने वाले हर बाहरी व्यक्ति की पूरी जानकारी रजिस्टर में दर्ज की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासनादेश में निर्धारित सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी दस्तावेजों को सुव्यवस्थित रखने के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण में यह रहे उपस्थित
इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मोहम्मद तहसीन, उप निरीक्षक इंद्रपाल सिंह, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट सर्वेश दास, सदस्य किशोर न्याय बोर्ड प्रमिला गुप्ता, सदस्य बाल कल्याण समिति सविता मालपाणी, बाल संरक्षण अधिकारी रवि कुमार सहित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम उपस्थित रही।