कुंवरगांव : थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध खनन का कारोबार खनन विभाग के प्राइवेट बाबू और थाना पुलिस के ड्राइवर और सिपाही की मिलीभगत से बदसूरत हो रहा है जहां खनन विभाग के बाबू पंकज कुमार व आफिस में तैनात एक प्राइवेट युवक द्वारा फर्जी परमीशन जारी कर खनन माफियाओं से मोटी रकम ऐंठी जा रही है । और खनन माफिया क्षेत्र में धड़ल्ले से ट्रेक्टर ट्राली से मिट्टी बेचने का काम कर रहे हैं ।स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और खनन विभाग के अधिकारियों की कथित सांठगांठ के चलते खनन माफिया बेखौफ होकर रात-दिन धरती का सीना कर मोटी कमाई कर रहे हैं

प्रशासन के सख्त निर्देशों के बावजूद कुंवर गांव थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों चकोलर ,बादल , औरंगाबाद खालसा , इमलिया ,कैली ,बनेई ,कसेर में मिट्टी का अवैध खनन जोरों पर है।
क्षेत्र वासियों का कहना है कि संबंधित विभागों के अधिकारियों को इसकी पूरी जानकारी है, लेकिन ‘लेन-देन’ के चलते माफियाओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
अंधाधुंध अवैध खनन की वजह से न केवल सरकारी राजस्व को चपत लग रही है, बल्कि कृषि योग्य भूमि और पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुँच रहा है।
नाम न छापने की शर्त पर खनन आफिस के एक व्यक्ति ने बताया कि आफिस में तैनात प्राइवेट बाबू पंकज के द्वारा खनन माफियाओं की बात खनन अधिकारी से कराई जाती है खनन अधिकारी ने आफिस में एक प्राइवेट लड़का आनलाइन कराने के लिए बैठा रखा है जो माफियाओं से फर्जी दस्तावेज लेकर कथित परमीशन देने का काम करता है कथित परमीशन के ऐवज में पंकज द्वारा एक परमीशन पर तीन से चार हजार रुपए लिए जाते हैं ।जिसके बाद क्षेत्र में अवैध खनन का धंधा शुरू होता है। स्थानीय पुलिस भी अपनी गुरु दक्षिणा लेने में पीछे नहीं रहती है ।थाने का ड्राइवर और एक अन्य पुलिसकर्मी खनन माफियाओं से बात करता है और गुरु दक्षिणा लेने के बाद क्षेत्र में मिट्टी के कारोबार की अनुमति दे देता है ।क्षेत्र वासियों ने बताया कि भारी भरकम ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर गांव की सड़कों से गुजरते हैं, जिससे रास्ते खराब हो रहे हैं और हादसों का डर बना रहता है। जब भी इस संबंध में आवाज उठाई जाती है, तो माफिया स्थानीय रसूख का डर दिखाकर उन्हें चुप करा देते हैं।