बरेली। अपर जिलाधिकारी (नगर) सौरभ दूबे की अध्यक्षता में जिला विद्यालययान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद के विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रणव झा एवं जिला विद्यालय निरीक्षक ने निर्देश दिए कि सभी विद्यालय निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और बिना मानक पूरे किए कोई भी वाहन संचालित न हो। सम्भागीय परिवहन अधिकारी पंकज सिंह ने बताया कि 756 विद्यालय वाहनों का निरीक्षण कर उन्हें पोर्टल पर ऑनबोर्ड किया गया है, जिनमें से 229 का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 559 वाहन अभी मानकों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। ऐसे वाहनों को 15 मई तक सभी मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।


उन्होंने यह भी बताया कि जनपद में कुल 5395 वाहन पोर्टल पर पंजीकृत हैं, जिनमें से 196 वाहन विद्यालय उपयोग में हैं। बैठक में विद्यालय वाहनों को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किए जाने की जानकारी भी दी गई, जिनमें विद्यालय स्वामित्व, अनुबंधित वाहन, अभिभावक संचालित तथा वेंडर श्रेणी के वाहन शामिल हैं।


प्रवर्तन अधिकारी प्रणव झा ने निर्देश दिए कि ऐसे सभी वाहनों को चिन्हित किया जाए जो विद्यालय की जानकारी के बिना बच्चों का परिवहन कर रहे हैं। साथ ही बिना फिटनेस, परमिट और बीमा वाले असुरक्षित वाहनों को तत्काल प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए कि वाहन चालकों और परिचालकों का चरित्र प्रमाणपत्र, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस और बीमा दस्तावेज अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं। बिना सत्यापन किसी भी व्यक्ति को वाहन संचालन की अनुमति न दी जाए।


एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान ने बताया कि चरित्र सत्यापन में किसी भी समस्या के लिए उनके सीयूजी नंबर पर संपर्क किया जा सकता है तथा एसएसपी कार्यालय की सिंगल विंडो सुविधा भी उपलब्ध है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी मनु शर्मा ने अभिभावकों से एलपीजी युक्त वाहनों से बच्चों को स्कूल न भेजने की अपील की।
अपर जिलाधिकारी सौरभ दूबे ने निर्देश दिए कि विद्यालयों के आसपास यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए संयुक्त अभियान चलाया जाए तथा ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने सभी विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समिति गठन, अभिभावकों से संवाद और मॉक ड्रिल आयोजित करने के भी निर्देश दिए।


बैठक के अंत में संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) राकेश कुमार ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा प्रशासन के साथ-साथ अभिभावकों और विद्यालयों की भी समान जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर परिवहन, पुलिस, शिक्षा विभाग के अधिकारी, विभिन्न एसोसिएशन के पदाधिकारी, लगभग 110 प्रधानाचार्य और ट्रांसपोर्ट मैनेजर उपस्थित रहे।