बदायूं। जिले में सरकारी एवं निजी अस्पतालों से निकलने वाले ठोस एवं तरल बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण को लेकर कोई भी गंभीर नहीं है। एक प्रकार से बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण भगवान भरोसे है, जिसके कारण ये वेस्ट शहर के कचरे में मिलकर संक्रमण का कारक बन रहा है शहर के नवादा चौकी क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर निजी अस्पताल संचालक सिरिंज को इस्तेमाल के बाद खुले आसमान के नीचे फेंक रहे हैं इससे पशु पक्षी को संक्रमण फैलने का बड़ा खतरा रहता है और यह बहुत घातक है जिसकी वजह से घुमंतू पशुओं की जान जा सकती है निजी अस्पताल संचालक

प्रदूषण विभाग के आदेशों के बाद भी सिरिंज को इस्तेमाल करने के बाद खुले आसमान के नीचे फेंक रहे हैं। जिससे संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती हैं।
नबादा चौकी से कुछ दूरी पर स्थित आरबोरेटम के बाहर खुले में सिरिंज फेंकी जा रही और सिरिंज, बेजुबानो के लिए इससे बड़ा खतरा हैकुछ समय पूर्व इंदिरा चौक स्थित कबीर मार्केट के सामने कूड़े के ढेर में पड़ी मिलती थी जिससे कई घुमंतू गायों हो की मौत हो चुकी है। प्रदूषण विभाग स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी निजी अस्पताल के संचालकों पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं बल्कि आंखें बंद करके बैठें हैं।