
इंस्पेक्टर की नाकामी: बारादरी इंस्पेक्टर की लापरवाही ने ली एक व्यापारी की जान
क्या बारादरी पुलिस को खून बहने का इंतजार था?
दिनदहाड़े चली गोलियां, एक की मौत, पुलिस प्रशासन बेखबर..
जनसुनवाई में भी जनता से लड़ पढ़ते हैं फोन पटक देते हैं इंस्पेक्टर बारादरी..
अनुभवहीन इंस्पेक्टर को कैसे थमा दिया बारादरी जैसा महत्वपूर्ण थाना,उच्च अधिकारी भी चिंतित..

बरेली शहर के बारादरी थाना क्षेत्र में सेटेलाइट बस स्टैंड के पास मंगलवार शाम को जो हुआ, वह पुलिस प्रशासन की घोर लापरवाही का नतीजा था। दो व्यापारी भाइयों पर खुलेआम गोलियां बरसाई गईं, जिसमें अनुज पांडे की मौत हो गई और उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। लेकिन यह हमला अचानक नहीं हुआ था, बल्कि पुलिस की नाकामी और बारादरी इंस्पेक्टर की निष्क्रियता की वजह से एक मासूम व्यापारी की जान चली गई।

दरअसल,अतुल पांडे और उनके भाई अनुज पांडे
जिला प्रतापगढ़ के थाना अंतू ग्राम जुड़ापुर के रहने वाले हैं और काफी समय से बरेली में एक ने पार्सल एजेंसी की फ्रेंचाइजी ले रखी है। बस स्टैंड पर उनका ऑफिस है।यह कोई पहला विवाद नहीं था। इससे पहले भी पीड़ित भाइयों ने कुलियों की गुंडागर्दी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। पांच दिन पहले ही हमलावर कुली ने दोनों भाइयों के साथ मारपीट की थी और अनुज पांडे का सिर फोड़ दिया था। इस पर बारादरी थाने में शिकायत दी गई थी, लेकिन इंस्पेक्टर ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। आरोपियों को सिर्फ चालान कर छोड़ दिया गया, जिससे उनके हौसले बुलंद हो गए। अगर पुलिस ने सही समय पर सख्त कार्रवाई की होती, तो आज अनुज पांडे जिंदा होता।

यह घटना साफ दिखाती है कि बारादरी थाना पुलिस अपराधियों को रोकने के बजाय उनके हौसले बढ़ाने में लगी थी। पुलिस ने पहले से जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जब अपराधी को सिर्फ एक चालान के बाद छोड़ दिया गया, तो उसने और ज्यादा बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे दिया। सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस को खून बहने का इंतजार था? क्या बारादरी थाने का काम अपराधियों को बचाना है और आम जनता को उनके रहमो-करम पर छोड़ देना है?इस पूरे घटनाक्रम में ट्रैफिक पुलिस ने इंसानियत की मिसाल पेश की। जब आरोपी कुली तमंचा लहराते हुए भागने लगा, तो ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने जान जोखिम में डालकर उसे दबोच लिया। सब-इंस्पेक्टर योगेंद्र कुमार, सब-इंस्पेक्टर कलुआ खान, सब-इंस्पेक्टर कपिल राघव और उनकी टीम ने बहादुरी दिखाते हुए अपराधी को मौके पर ही पकड़ लिया। लेकिन सवाल यह है कि जब ट्रैफिक पुलिस अपना काम इतनी ईमानदारी से कर सकती है, तो बारादरी थाने की पुलिस क्यों सोई रही? क्यों पहले की शिकायत को नजरअंदाज कर दिया गया?
स्थानीय जनता में है इंस्पेक्टर के खिलाफ भारी आक्रोश..
स्थानीय जनता में इंस्पेक्टर के खिलाफ भारी आक्रोश है लोग कहते हैं कि इंस्पेक्टर साहब बात-बात पर बिगड़ जाते हैं और चिल्लाने लगते हैं कभी-कभी तो ऐसा देखने को मिला है इंस्पेक्टर गुस्से में अपना मोबाइल मेज पर पटक देते हैं, कहते हैँ कि कहां इस बरादारी थाने में फंस गया,

वर्जन….
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि थाना बारादरी क्षेत्र में सेटेलाइट बस स्टैंड के पास गोली चलने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि दो व्यापारी, जो पार्सल का व्यवसाय करते हैं, उन पर एक कुली ने गोली चलाई। दोनों के बीच पहले से पार्सल को लेकर विवाद चल रहा था। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।