बदायूं। एक तरफ प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निरन्तर उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने में लगे हुए हैं। देश विदेशों में जा जाकर कंपनियों को उत्तर प्रदेश में इंडस्ट्री लगाने के लिए आमंत्रित कर रहे है। प्रदेश में गुंडे और माफियाओं का बुलडोजर से सफाया कर रहे हैं ताकि कंपनी आकर निवेश करें और प्रदेश में रोजगार बढ़े। उत्तर प्रदेश एक खुशहाल और उत्तम प्रदेश बने विकास के पथ पर आगे बड़े, इसके लिए वे दिन और रात मेहनत कर रहे हैं
दूसरी तरफ उनकी सेना उत्तर प्रदेश को गुंडा प्रदेश बनाने में लगी हुई हैं। जहां लोगों की जान की कोई कीमत नहीं , कुछ साल पहले तक लोग उत्तर प्रदेश में इंडस्ट्री लगाने से कतराते थे क्योंकि भय और माफियाओं के डर से उत्तर प्रदेश में इन्वेस्ट नहीं करते थे। आज योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रदेश से इस भय को खत्म कर कंपनियों को आमंत्रित कर रहे है। लगातार प्रदेश में इंडस्ट्री बढ़ती जा रही है। प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ता जा रहा है। दूसरी तरफ उन्हीं की सेना कंपनियों से अवैध वसूली कर रही हैं।


ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के सैजनी क्षेत्र में लगी बायो गैस प्लांट हिन्दुस्तान पेट्रोलियम का लगा हुआ है। जिसका उद्घाटन कुछ समय पूर्व स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने किया था, ताकि जिले को लोगो को रोजगार मिले और जिले में खुशहाली आए। लेकिन योगी की सेना चाहती ही नहीं उनके जिले में लोगों को रोजगार मिले, जिले मे खुशहाली आए, उनका जिला तरक्की करे विकास के पथ पर आगे बढ़े, बायो गैस के प्लांट हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के बनने से लेकर चलने तक लगातार अवैध वसूली ,धांधली निरंतर की जा रही है जिसके कारण प्लांट लगातार घाटे में जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो प्लांट में कुछ लोगों को अवैध तरीके से लोग ज्वाइन कराया गया, जोकि सिर्फ कागजों में हैं, वास्तविक में प्लांट में काम करने आते ही नहीं हैं।
उनकी सैलरी का भुगतान समय से कर दिया जाता है और कुछ कर्मचारी काम करने आते भी हैं।
तो वहां काम नहीं करते हैं अपने मनमाने तरीके से प्लांट में काम करते हैं जब उन्हें रोका या टोंका जाता है तो दबंगई दिखाते हैं। कुछ ही कर्मचारी प्लांट को चलाते हैं जिससे प्लांट विधिवत तरीके से नहीं चल पाता और लगातार नुकसान में जा रहा है

ऐसी धांधली को रोकने के लिए दो ईमानदार अफसरों ने इनकी छंटनी करना चालू कर दिया अजय ठाकुर को भी लापरवाही के चलते निकाल दिया था तो उनकी जान पर बन आई। दोनों ईमानदार अधिकारी हर्षित मिश्रा और सुधीर गुप्ता किसी का दबाव नहीं मानते थे, बिना दबाव के ईमानदारी से कर रहे थे अपना कार्य, लगातार हर्षित मिश्रा और सुधीर गुप्ता पर बनाया जा रहा अनावश्यक दबाव , एक महा पहले भी प्लांट में अजय ठाकुर प्लांट में जाकर जान से मारने की दी थी धमकी। खुद को दो गिरोह का सदस्य बताया था। जिसकी सूचना जिले के नीचे से लेकर ऊपर तक आलाधिकारियों को हर्षद मित्र और सुधीर गुप्ता द्वारा शिकायती पत्र के माध्यम से सूचित किया गया था। जिलाधिकारी बदायूं ने प्रार्थना पत्र
उचित कार्रवाई करने के दिए थे आदेश , दोनों अधिकारियों ने अपनी जान को खतरा बताया था,उन्होंने भय के कारण समय से पहले बीआरएस तक ले लिया।

लेकिन किसी ने इसको गंभीरता से नहीं लिया और
उसी लापरवाही के इस कारण आज इतना बड़ा हादसा हो गया। दो अधिकारियों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। उनके परिवारजनों ने कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए, लेकिन उनके आरोपों को नज़रअंदाज़ कर दिया। मरने वाले अधिकारी वैश्य समाज और ब्राह्मण समाज से है। दोनों ही समाज के लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।इसके बाद भी सिर्फ खानापूर्ति के अलावा कुछ भी नहीं किया गया।