उर्स ए शाह शुजाअत अली मियाँ की तैयारियां मुकम्मल, 28 मार्च से होगा आगाज़*
- क़स्बा ककराला, जनपद बदायूं: आज दिनाँक 26 मार्च 2026, समय दोपहर 3 बजे, शाह सकलैन एकेडमी कार्यालय में उर्स ए शाह शुजाअत अली मियाँ के संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में उर्स इंतिज़ामिया कमेटी के जिम्मेदारान एवं शाह सकलैन एकेडमी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
- प्रेस वार्ता में जानकारी दी गई कि *विश्वविख्यात आध्यात्मिक सूफी बुज़ुर्ग हज़रत शाह शुजाअत अली मियाँ रहमतुल्लाह अलैह का इस वर्ष 70वां सालाना उर्स पूरे अकीदत व एहतराम के साथ दिनांक 8, 9 शव्वाल मुताबिक़ 28 व 29 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा।
- उर्स के सभी कार्यक्रम दरगाह प्रमुख सज्जादानशीन हज़रत ग़ाज़ी मियाँ हुज़ूर की सरपरस्ती व निगरानी में सम्पन्न किये जायेंगे।
- उर्स के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं। उर्स इंतिज़ामिया कमेटी द्वारा प्रशासन के सहयोग से सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, पथ प्रकाश, यातायात, मेडिकल कैम्प, एम्बुलेंस सेवा, फायर बिर्गेड वाहन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है।
- उर्स में देश-विदेश से आने वाले जायरीनों के मद्देनज़र व्यापक इंतजाम किए गए हैं, उर्स मे दूर दराज़ से आने वाले ज़ायरीन जैसे- महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश, उडीसा, छत्तीसगढ़, राजिस्थान, पंजाब, बिहार, बंगाल, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली आदि राज्यों एवं उत्तरप्रदेश के सभी जनपदों के शहरों व गाँव से बड़ी संख्या में जायरीन मुरीदीन उर्स में शिरकत करेंगे, हज़ारों लाखों ज़ायरीन के ठहरने व खाने-पीने की व्यवस्थाएं एवं अन्य आवश्यक ज़रूरतों का ख्याल रखते हुए बेहतर इन्तिज़ामात किये गए, जिससे सभी अकीदतमंद आसानी और सुकून के साथ उर्स में शिरकत कर सकें।
उर्स का पहला दिन – 28 मार्च 2026 (शनिवार)
- उर्स का आगाज़ सुबह कुरआन ख्वानी से किया जाएगा। पहले दिन के प्रमुख कार्यक्रम इस प्रकार रहेंगे—
- सुबह: बाद नमाज़ फ़जर कुरआन ख्वानी एवं फातिहा ख्वानी
- दोपहर: बाद नमाज़े ज़ुहर 3 बजे दरगाह शाह दरगाही मियाँ ज़्यारत शरीफ़ से जुलूसे परचम कुशाई का आगाज़ होगा, जुलूस अपने परम्परागत मार्गों से होता हुआ जैसे- जामा मस्जिद, हुसैन गली, खिलाड़ी वाली चौपाल, पूरब पुल से मैन बाज़ार होता हुआ दरगाह शाह शुजाअत मियाँ पर आकर संपन्न होगा।
- रात: बाद नमाज़े इशा दरगाह शरीफ़ में नात मंकबत ख्वानी व खूसूसी व मशहूर उलमाये किराम का सूफ़ी प्रवचन (तक़रीर) का आयोजन होगा
- उर्स के दिनों में जायरीनों के लिए लंगर (भंडारा) का भी विशेष इंतजाम रहेगा।
दूसरा दिन – 29 मार्च 2026 (रविवार)
- उर्स के दूसरे दिन का कार्यक्रम भी अत्यंत रूहानी व प्रभावशाली रहेगा—
- सुबह: कुरआन ख्वानी से दिन का आगाज़ होगा।
- सुबह: 9 बजे उलेमा-ए-कराम की तकरीरें एवं बुज़ुर्गो की तालीमत व पैगामा और दीन-ओ-इस्लाह पर बयान और ठीक 11:00 बजे क़ुल शरीफ़ की रूहानी परम्परा सज्जादानशीन अदा कराएंगे इसी मौके पर विश्व शांति की प्रार्थना होगी और विशेष तौर पर हमारे मुल्क व देशवासियों के आपस में अमन-शांति भाईचारा, सौहार्द क़ायम रहने की दुआ होगी।
- उर्स ए शाह शुजाअत अली मियाँ का मुख्य उद्देश्य समाज में प्यार, मोहब्बत, भाईचारा, अमन और इंसानियत का पैगाम देना है। सूफी संतों की शिक्षाएं हमें आपसी भाईचारे, सहिष्णुता और मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करती हैं। यह उर्स सभी धर्मों और वर्गों के लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी सौहार्द का संदेश देता है।
प्रशासनिक व्यवस्थाएं
- उर्स को लेकर प्रशासन द्वारा भी विशेष इंतजाम किए गए हैं—
- सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती
- यातायात व्यवस्था एवं पार्किंग की सुविधा
- साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था
- चिकित्सा सुविधा एवं आपात सेवाएं
- उर्स इंतिज़ामिया कमेटी ने सभी अकीदतमंदों और जायरीनों से अपील की है कि वे उर्स में अधिक से अधिक संख्या में शिरकत करें और कार्यक्रम को सफल बनाएं, साथ ही प्रशासन
के दिशा-निर्देशों का पालन करें। - प्रेस वार्ता में उर्स इन्तिज़ामिया कमेटी के ख़ास तौर से इंतिखाब सकलैनी, हमज़ा सकलैनी, मुरतुज़ा सकलैनी, मुन्तसिब सकलैनी, मुनीफ सकलैनी, गौसी सकलैनी, तौसीफ सकलैनी, हाफ़िज़ अयाज़, हाफ़िज़ आमिल, हाफ़िज़ क़ैस, सरफ़राज़ सकलैनी, डॉक्टर अबुज़र सकलैनी, फराज़ सकलैनी, सालिक सकलैनी, मुस्तफ़ीज़ सकलैनी, चाहत सकलैनी, ज़ाहिद सकलैनी, सलीम सकलैनी, आदि मौजूद रहे।