प्रयागराज, 17 सितम्बर।
उत्तर प्रदेश शासन ने एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए आईएएस अधिकारी सौम्या अग्रवाल को प्रयागराज का नया मंडलायुक्त (कमिश्नर) नियुक्त किया है। सौम्या अग्रवाल प्रयागराज की पहली महिला कमिश्नर बनी हैं। शासन के इस फैसले को ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि संगम नगरी में पहली बार किसी महिला अधिकारी को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सौम्या अग्रवाल ने इससे पहले करीब तीन वर्ष तक बरेली मंडल की कमिश्नर के रूप में कार्य किया। अपने कार्यकाल में उन्होंने विकास योजनाओं को नई गति दी और बरेली को प्रदेश के तेज़ी से विकसित होते शहरों की सूची में खड़ा किया।

बरेली में विकास कार्यों की नई पहचान

कमिश्नर रहते हुए सौम्या अग्रवाल ने “ग्रेटर नोएडा” मॉडल की तर्ज पर “ग्रेटर बरेली” और “रामगंगा नगर” योजनाओं को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाई। इन योजनाओं ने शहर के आवासीय और औद्योगिक ढांचे को नया आयाम दिया।

  • स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत बरेली में आधुनिक बस स्टैंड, सड़क चौड़ीकरण, ट्रैफिक व्यवस्था सुधार और डिजिटल निगरानी तंत्र लागू कराया।
  • उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर छोटे-बड़े उद्यमियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया।
  • अन्नपूर्णा योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की कड़ी मॉनिटरिंग कर लाभार्थियों तक समय पर राशन और खाद्यान्न पहुँचाने में सफलता पाई।
  • परिवहन व ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने हेतु परिवहन विभाग के साथ तालमेल कर कई अहम फैसले लागू किए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई।
  • लिलौर झील को इको-टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित करने की योजना को गति दी।

शासन का भरोसा और नई चुनौती

सौम्या अग्रवाल के कुशल नेतृत्व और विकासपरक सोच को देखते हुए शासन ने उन पर भरोसा जताया है। प्रयागराज जैसे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मंडल की कमान सौंपना अपने आप में बड़ी ज़िम्मेदारी है।
अब उनसे उम्मीद है कि वे प्रयागराज में भी अधोसंरचना विकास, धार्मिक पर्यटन और प्रशासनिक पारदर्शिता को नई दिशा देंगी


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