
बरेली में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिलाधिकारी ने एक अहम और सख्त कदम उठाया है। तहसीलों में एसडीएम और तहसीलदारों की मनमानी पर रोक लगाने के उद्देश्य से अब नियमित रूप से गूगल मीट और ज़ूम के माध्यम से सीधी निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है। इस व्यवस्था के तहत प्रतिदिन या निर्धारित समय पर करीब 10 से 12 एसडीएम और तहसीलदार सीधे जिलाधिकारी से जुड़ेंगे।

क्या थी समस्या?
जिलाधिकारी को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि
कई एसडीएम और तहसीलदार अपने कार्यालय में समय से नहीं बैठते थे
जनसुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहते थे
जनता की शिकायतों का समय पर निस्तारण नहीं हो पा रहा था
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तकनीक का सहारा लेकर निगरानी को सख्त करने का फैसला लिया।

नई व्यवस्था क्या है?
सभी एसडीएम और तहसीलदार को तय समय पर ऑनलाइन मीटिंग में उपस्थित होना अनिवार्य
उनकी लोकेशन और कार्य की स्थिति की सीधी मॉनिटरिंग
जनसुनवाई और विकास कार्यों की रियल टाइम समीक्षा
अनुपस्थिति या लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में पहला प्रयोग
इस तरह की डिजिटल निगरानी व्यवस्था लागू करने वाला बरेली प्रदेश का पहला जिला बन गया है। इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।
अविनाश सिंह के नेतृत्व में बरेली का प्रशासन इन दिनों सख्त फैसलों और लगातार मॉनिटरिंग के चलते चर्चा में है। जिलाधिकारी की कार्यशैली का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे एक दिन में कई-कई महत्वपूर्ण बैठकों के माध्यम से शासन की योजनाओं और जमीनी हकीकत की लगातार समीक्षा करते हैं।
दिनभर बैठकों का सिलसिला, हर विभाग पर नजर
जिलाधिकारी अविनाश सिंह रोजाना अलग-अलग विभागों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं, जिनमें विकास कार्य, कानून व्यवस्था, राजस्व मामले, जनसुनवाई और औद्योगिक समस्याएं प्रमुख रहती हैं। अधिकारियों से सीधा संवाद कर वे यह सुनिश्चित करते हैं कि हर योजना का क्रियान्वयन समयबद्ध और प्रभावी तरीके से हो।