बदायूं।सुभाष चौक स्थित सनातन बोर्ड के कार्यालय दलपत राय मंदिर में रविवार को सनातन बोर्ड की चिंतन बैठक हुई।
संरक्षक नंदकिशोर ने बताया कि जनपद बदायूं संतों की पवित्र भूमि थी और यहां के गुरुकुल में हजारों की संख्या में सुदूर क्षेत्र से छात्र सनातन धर्म और वेदों की शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते थे।
संगठन अध्यक्ष जितेंद्र कुमार साहू ने बताया कि जनपद के राजा महिपाल के समय जनपद का नाम वेदामऊ था जिसका मुगलों के आक्रमण के बाद अपभ्रंश होकर “बदायूं” हो गया
संगठन महासचिव एडवोकेट अश्वनी भारद्वाज ने जनपद की पुरानी सांस्कृतिक विरासत और मान्यताओं को पुनर्जीवित करते हुए क्षेत्र का नाम बदायूं से प्राचीन नाम वेदामऊ किए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि सूर्य देव वर्मा ने क्षेत्र में नए-नए गुरुकुल खोलने हेतु शासन को मांग पत्र भेजने के लिए प्रस्ताव रखा।
बैठक में कार्य अध्यक्ष डॉ सुशील गुप्ता, एडवोकेट दिनेश चंद्र वर्मा, चंद्र देव वर्मा, आकाश साहू, आकाश प्रजापति, आचार्य राजकुमार सेंगर ,यशवर्धन सक्सेना ,एडवोकेट राजीव रायजादे, नरेंद्र गुप्ता ,राकेश साहू ,डॉ अमर सिंह ,शेखर साहू आदि उपस्थित रहे।