सीएनएन न्यूज भारत ब्यूरो लखनऊ :: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की प्रदेश बैठक में गूंजा जमीनी समस्याओं का सवाल, पंचायत चुनाव को लेकर रणनीति तेजलखनऊ।राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की प्रदेश पदाधिकारियों की आवश्यक मासिक बैठक मंगलवार को प्रदेश कार्यालय दारू सफा में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष हरिश्चंद्र सिंह ने की। बैठक का मुख्य एजेंडा उत्तर प्रदेश में पार्टी को जनमानस की वास्तविक आवाज़ बनाने की रणनीति पर केंद्रित रहा।
ग्राउंड इश्यू पर फोकस – किसान से ठेला कारोबारी तकबैठक में यह स्पष्ट किया गया कि पार्टी की प्राथमिकता केवल राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं, बल्कि जनता की रोजमर्रा की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाना और उनका समाधान सुनिश्चित करना है।
बैठक में जिन प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, उनमें शामिल रहे—किसान व मजदूर: आय, रोजगार और सम्माननौजवान: शिक्षा, नौकरी और भविष्य की चुनौतियाँछोटे व्यापारी व ठेला संचालक: महंगाई और प्रशासनिक दबावमहिलाएं: सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरणवकील समुदाय: न्याय व्यवस्था और आम आदमी को समय पर इंसाफइस दौरान विचार व्यक्त किया गया कि—“राजनीति का असली मतलब है जनता की तकलीफ को सत्ता तक पहुँचाना, सिर्फ पोस्टर और भाषण नहीं।
”बैठक में यह भी कहा गया कि जब महंगाई आम आदमी की थाली हल्की कर रही हो, तब जनता की नब्ज समझकर ही राजनीति को दिशा दी जा सकती है।
पंचायत चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण फैसलाबैठक में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर अहम रणनीतिक चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि संगठन को युद्ध स्तर पर सक्रिय किया जाए।उन्होंने बूथ स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक नेटवर्क को मजबूत करने और पंचायत चुनाव में NCP की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही।यह संकेत है कि पार्टी स्थानीय राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में तेज़ी से जुट गई है।
वरिष्ठ पदाधिकारियों ने दर्ज कराई सक्रिय उपस्थितिइस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
इनमें प्रमुख रूप से—कामिनी शर्मा, अरविंद कुमार शर्मा, रामप्रीत शर्मा, जेपी तिवारी, सलिल कुमार सिंह, विजितेंद्र सिंह, हसीन अहमद, अनिरुद्ध यादव, राजेश जायसवाल, धनंजय प्रताप सिंह, कालिका प्रसाद दुबे, विजय कुमार विश्वकर्मा, आर्यन शुक्ला, अरविंद कुमार यादव, राजवीर राजपूत सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।बैठक के अंत में प्रदेश अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों को क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाने के निर्देश दिए।