बरेली में राहुल सागर हत्याकांड: मुख्य आरोपी लकी लभेड़ा पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार
बरेली। थाना बिथरी चैनपुर क्षेत्र में उधार के पैसों के विवाद में युवक राहुल सागर की पिटाई के बाद हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी लकी लभेड़ा को पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है।
जानकारी के अनुसार, थाना बारादरी क्षेत्र के डोहरा रोड निवासी पप्पू पुत्र चंद्रसेन ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 14 जनवरी को उसके पुत्र राहुल के साथ उधार के रुपये को लेकर लकी लभेड़ा, भीमा और आकाश ठाकुर समेत अन्य लोगों ने मारपीट की थी। इस हमले में राहुल गंभीर रूप से घायल हो गया था।
राहुल को इलाज के लिए रामपुर गार्डन स्थित नारायण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 21 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाते हुए आरोपियों की तलाश तेज कर दी।


मुठभेड़ में घायल हुआ मुख्य आरोपी


22 जनवरी की सुबह करीब 6:15 बजे पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी लकी लभेड़ा रामगंगानगर परियोजना के पंचवटी एनक्लेव सेक्टर-11 क्षेत्र में मौजूद है। पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसमें सिपाही अक्षय तोमर घायल हो गया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी लकी लभेड़ा के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।


हथियार और बाइक बरामद


पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा 12 बोर कारतूस और सफेद रंग की अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की है। घायल आरोपी और घायल सिपाही को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।


अन्य आरोपियों की तलाश जारी


पुलिस के अनुसार मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। मुठभेड़ के संबंध में अलग से मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया भी चल रही है।


परिजनों और भीम आर्मी का प्रदर्शन


घटना के बाद राहुल के परिजनों और भीम आर्मी आज़ाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पोस्टमार्टम हाउस के सामने सड़क जाम कर दिया। परिजनों का आरोप था कि प्रारंभिक स्तर पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और तहरीर बदलवाने का दबाव बनाया गया।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और जाम खुलवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।


परिवार का आरोप


मृतक राहुल मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। परिजनों के मुताबिक राहुल अपने मामा के इलाज के लिए रुपये जुटाने निकला था। इसी दौरान उधार के पैसों को लेकर विवाद हुआ और दबंगों ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी जान चली गई।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।