दिनांक 17 फरवरी 2026 को क्लासिक कॉलेज ऑफ़ लॉ, बरेली में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर के चतुर्थ दिवस के अवसर पर “स्वच्छ भारत–स्वस्थ भारत” अभियान का आयोजन किया गया।
🔹 प्रथम सत्र : स्वच्छता रैली एवं मंदिर परिसर की सफाई
चतुर्थ दिवस के प्रथम सत्र में NSS स्वयंसेवकों द्वारा महेशपुरा ठाकुरान गाँव में स्वच्छता रैली निकाली गई। रैली के दौरान स्वयंसेवक गाँव में स्थित हनुमान मंदिर पहुँचे, जहाँ उन्होंने मंदिर परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया।
इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व, कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने, सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने तथा स्वच्छ वातावरण अपनाने के लिए प्रेरित किया। रैली के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
🔹 द्वितीय सत्र : महाविद्यालय में बौद्धिक कार्यक्रम
चतुर्थ दिवस के द्वितीय सत्र में महाविद्यालय परिसर में स्वच्छ भारत–स्वस्थ भारत विषय पर बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर NSS प्रभारी मोहम्मद हस्सान रज़ा ख़ान ने अपने उद्बोधन में‌ कहा कि—
“स्वच्छ भारत ही स्वस्थ भारत की आधारशिला है। जब तक हमारा परिवेश स्वच्छ नहीं होगा, तब तक स्वस्थ समाज की कल्पना संभव नहीं है।”
उन्होंने विद्यार्थियों से स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन में अपनाने तथा समाज को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रवक्ता सौम्या मेहरोत्रा ने अनुशासन के साथ स्वच्छता अपनाने पर बल देते हुए कहा कि स्वच्छता, अनुशासन और नागरिक जिम्मेदारी के माध्यम से ही भारत निरंतर प्रगति कर सकता है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आदित्य चतुर्वेदी, चीफ प्रॉक्टर के के गंगवार, डॉक्टर कमल किशोर, राजेश गुप्ता, डॉक्टर वकेश कुमार शर्मा, डॉक्टर रोहित मेहरौत्रा, शुमैला अंजुम, जेबा फातिमा, डॉक्टर अल्का सक्सेना, सौम्य मेहरोत्रा, अनुपम राहुल, मयुरी सिंह, सृष्टि शर्मा, दीपक महौर गुप्ता, वैशाली, अंजलि मेहरोत्रा, सहित सभी साथी स्टाफ , एन एस एस स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन NSS प्रभारी मोहम्मद हस्सान रज़ा ख़ान द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी, सामाजिक चेतना एवं राष्ट्र-निर्माण की भावना का विकास करना रहा।