कोरोना वेक्सीन लगाने में सरकार जल्दबाजी न करे, तांडव वेब सीरीज विवाद मुरादाबाद से सपा सांसद डॉ एसटी हसन ने कोरोना वैक्सीन पर बोलते हुए कहा कि ,कोरोना वेक्सीन को लगवाने में बहुत ज्यादा क्रेजी कोई न हो।कोरोना वैक्सीन की जो नई वेक्सीन है इसके साईड इफेक्ट के बारे में अभी बहुत ज्यादा पता नही है, और जब भी ये वेक्सीन लगे तो इसके पूरे प्रोटोकॉल को फ्लो किया जाए। वेक्सीन लगने वाले व्यक्ति का टेम्परेचर , ब्लेड प्रेशर चैक किया जाए , उसे खाशी तो नही है उसे बुखार तो नही है , इसकी जांच होने के बाद ही, जब सब कुछ नॉर्मल हो तो वेक्सीन लगाया जाये।इस लगता है इस आदमी ने ये नही बताया कि इसकी तबियत खराब है, और इसकी मौत हो गई, कोरोना वेक्सीन के बारे में अभी तक बहुत कुछ पता भी नही है, में तो भारत सरकार से ये कहना चाहूंगा की इतनी जल्बाजी में ये वेक्सीन न लगवाई जाए। जब तक इसके पुरे टेस्ट नहीं जाए, क्योकि एक वेक्सीन ऐसी है जिसकी तीसरे चरण की टेस्टिंग अभी नही हुई है। ठीक है हम दुनिया को दिखाए की हम आगे बढ रहे हैैं, लेकिन इस वेक्सीन को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिये।इस वेक्सीन को लेकर बहुत सतर्कता बरतनी चाहिए क्योंकि ये इंसानों की जिंदगी का सवाल है, जिंदगी और मौत का सवाल है।दरअसल सपा सांसद मुरादाबाद के कल एक स्वाथ्य कर्मी की मौत पर पूछे गए सवाल पर जवाब दे रहे थे , वही सांसद ने विवादित हो चुकी वेब सीरीज तांडव पर पूछे गए सवाल का जबाव देते हुए कहा कि आज कल हम ये देख रहे है कि ट्रेड ये चल रहा हैं ऑब्जेसनेबल चीज को स्क्रीन पर लाने के बाद अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ा दे, लोग उसको समझने लगे , किसी बजी शख्स को ये इजाजत नही है की वो किसी की भी धर्मिक भावनाओ को ठेस न पहुचाये, जो हमारे धर्मिक लोग है चाहे हिन्दू हो या मुसलमान , उनका अपमान न किया जाए , और जो करता है उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही होनी चाहिएबाइट:- डॉ एस टी हसन(सपा सांसद)।

By Monika

Les amis conseillent souvent leurs recettes favorites, mais elles ne réussissent pas toujours. Mieux vaut explorer le sujet pour trouver les bons gestes. Ne négligez pas la cuisson à cœur le bon ordre pour dorer le bœuf Comment retrouver ce goût qui fait revenir les clients ? En cuisine, tout se joue souvent dans un assaisonnement précis, une cuisson maîtrisée et des produits simples, traités avec respect.