छत्रपति शिवाजी महाराज की शोभायात्रा में नगर के लोगों ने पुष्प वर्षा कर किया स्वागत.

शहर के विभिन्न विद्यालयों के छात्रों ने भाषण स्पर्धा में लिया भाग

जय शिवाजी,जय भवानी के नारों से वातावरण हुआ देश भक्ति मय

बदायूं, आर्य समाज चौक स्थित रस्तोगी धर्मशाला में आज मराठा -सर्राफा एसोसिएशन के तत्वाधान में हिंदवी स्वराज की स्थापना करने वाले वीर मराठा छत्रपति शिवाजी महाराज जी की जयंती हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ समारोह पूर्वक मनाई गई. इस मौके पर शहर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाषण स्पर्धा में सहभाग किया. दोपहर 3:00 बजे बिरुवा बाड़ी मंदिर से छत्रपति शिवाजी महाराज की शोभायात्रा प्रारंभ हुई. शोभा यात्रा में नगर के लोगों ने पुष्प वर्षा कर शिवाजी महाराज का अभिनंदन किया.

कार्यक्रम का शुभारंभ मराठा- सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों नीरज रस्तोगी, उपेंद्र उपाध्याय, हरि कृष्ण वर्मा अवनीश वर्मा एवं अतुल रस्तोगी ने मां सरस्वती एवं वीर मराठा छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर एवं माल्यार्पण कर किया.

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने कहा- वीर मराठा योद्धा कुशल रणनीतिकार छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 को महाराष्ट्र में शिवनेरी के दुर्ग में मां जीजाबाई- पिता शाह जी भोसले के परिवार में हुआ था.

शिवाजी के जीवन में मां जीजाबाई के द्वारा सुनाई गई रामायण- महाभारत की वीर गाथाओं के संस्कारों से उनके अंदर बचपन से ही वीर बनने की प्रेरणा जगी. छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती कार्यक्रम संयोजक श्रीकांत मराठा ने कहा- शिवाजी वीर योद्धा, कुशल रण नीति कार राजनीति एवं छापामार युद्ध नीति में पारंगत थे. समापन सत्र के मुख्य वक्ता राजीव कुमार सिंह गौर एडवो�