
बरेली, 23 सितम्बर 2025।
हिंदी पखवाड़ा-2025 के अंतर्गत बरेली छावनी परिषद द्वारा एक भव्य सांगीतिक-सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम छावनी परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तनु जैन के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।
बाँसुरी वादन ने बांधा समां
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रसिद्ध बाँसुरी वादक का मनमोहक प्रस्तुतीकरण। बाँसुरी की मधुर ध्वनि के साथ जब सितार, तबला और गायन की संगति जुड़ी, तो पूरा सभागार संगीत रस में डूब गया। श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

हिंदी और संस्कृति का उत्सव
मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तनु जैन ने इस अवसर पर कहा—
“हिंदी पखवाड़ा केवल भाषा का उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय एकता से जुड़ने का अवसर है। हमें हिंदी के साथ-साथ अपनी संस्कृति को भी जीवन में अपनाना चाहिए।”
उन्होंने बताया कि छावनी परिषद लगातार ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है, जिनसे समाज में सकारात्मक संदेश जाए और सांस्कृतिक चेतना का प्रसार हो।
जनता से जुड़ीं डॉ. तनु जैन
डॉ. जैन के कार्यभार संभालने के बाद से बरेली कैंट बोर्ड लगातार नई ऊँचाइयों को छू रहा है। वे स्वयं जनता से जुड़कर स्वच्छता और सौंदर्यीकरण की पहल कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने कैंट बोर्ड स्थित धोपा मंदिर के सरोवर की सफाई में स्वयं श्रमदान किया और जनता से अपील की—
“यदि हमें हरा-भरा और सुंदर कैंट बनाना है तो इसमें सहयोग और जनभागीदारी बेहद जरूरी है।”
प्रशासनिक सक्रियता
डॉ. तनु जैन हाल ही में दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक में भी शामिल हुईं, जहाँ कैंट बोर्ड के विकास कार्यों और नीतियों को लेकर दिशा-निर्देश तय किए गए।
कार्यक्रम का समापन जोरदार तालियों और इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि हिंदी और भारतीय संस्कृति को समाज के हर कोने तक पहुँचाया जाएगा। छावनी परिषद द्वारा आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या ने बरेली कैंट को एक नई सांस्कृतिक पहचान प्रदान की।