इस्लामनगर। दिव्यांगों की मदद के लिए सरकार भले की कई योजना चला रही है।लेकिन इन योजनाओं का लाभ उन तक कितना पहुंच रहा है। इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गाँव पाठक बेहठा निवासी कालीचरण पुत्र जगदीश के तीन वर्ष पूर्व ट्रेन से दोनों पैर कट गए जिसके बाद वो लगातार ब्लॉक से लेकर जिले तक अपने हाथ से बनाई बेरिंग गाड़ी पर बैठकर ट्राई साइकिल के लिए भटक रहा है। शुक्रवार को कालीचरण अपनी बरिंग गाड़ी पर सवार होकर अपने हाथ के सहारे गाड़ी चलाकर 14 किलो मीटर दूर इस्लामनगर ब्लॉक पर ट्राई साइकिल के लिए गए उसके बाद वहाँ के कर्मचारियों ने कहा आप जिले पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कराएं उसके बाद आपको ट्राई साइकिल मिलेगी यह आश्वाशन मिलने के बाद दोनों पैरो से विकलांग कालीचरण अपनी बेरिंग गाड़ी पर बैठकर गाँव चला गया।विकलांग कालीचरण ने बताया कि वर्ष 2020 में उसके दोनों पैर ट्रेन से कट गए थे उसने यह भी बताया कि उसके लिए विकलांग पेंशन तो मिलती है लेकिन तीन साल से ट्राई साइकिल के लिए दर दर भटक रहा है।उसने यह भी बताया कि वो बिसौली विकास खंड भी गया लेकिन वहाँ भी अधिकारियों ने जिले पर जाने की बात कहकर वापस भेज दिया। विकलांग कलीचरण तीन वर्षों के लगातार अधिकारियों व दफ्तरों के चक्कर काट रहा है।लेकिन उसे ट्राई साइकिल नहीं मिल पा रही है। कलीचरण अपने हाथ से बनाई बेरिंग गाड़ी पर बैठकर अधिकारियों के पास चक्कर काट रहा है।लेकिन तीन वर्ष से उसे एक ट्राई साइकिल नहीं मिल पा रही हैं।
रिपोर्ट रंजीत कुमार





