भिवाडी ।आज हमारी मुलाकात एक ऐसे शख्सियत से हुई जो न केवल भिवाड़ी या जिला या राज्य में ही नहीं पूरे भारतवर्ष में सेवा कार्य में अपना एक मुकाम रखते हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन और सेवा उपकार में लगा दिया। डॉक्टर ग्यासी राम गुप्ता तथा शशिकला गुप्ता दोनों पति-पत्नी सेवा भाव से साधु संतों की सेवा में लगे

रहते हैं। पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था उनके लिए जाने की व्यवस्था गाय के लिए चारे की व्यवस्था अभी इसी गर्मी के अंदर उन्होंने अपने ट्रस्ट शशि महासेवा ट्रस्ट लेटेस्ट 1917 से पूरे भारतवर्ष में कार्य कर रहा है। अपने 2021 के अंदर उड़ीसा में वृक्षारोपण कराया गया

बनारस में वृक्षारोपण करवाया गायत्री शक्तिपीठ तापु़गुड़ा में वृक्षारोपण कराया भारत विकास परिषद के माध्यम से सरकारी स्कूल माहेश्वरी में 108 पौधे लगाए गएके माध्यम से लोगों से आग्रह कर कर गौशालाओं में मंदिर में 35 पंख डोनेट करवाएं लगभग 400 परिंदे

पक्षियों के लिए लगवाएं गायों के लिए जगह पानी के खेल लगवाई आपका जन्म चैत्र मास के चैत्र मास की पवित्र तिथि एकादशी 21 अप्रैल 1956 को बड़ी है विचित्र बात है चैत्र मास में नवमी को भगवान राम जी का जन्म हुआ पूर्णिमा को भगवान हनुमान जी का जन्म

हुआ इसी के बीच एकादशी में इन समाज सेवायों का जन्म हुआ उनकी पत्नी शशि कला गुप्ता जो एक बहुत खुशी प्रेम भाव वाली महिलाएं जिनका चरण एक संतों के तरह है। संत लोग अपने घर छोड़कर जंगलों में आश्रमों में रहते हैं यह परिवार गृहस्ती में रहकर भी

समाज के प्रत्येक अंग सेवा का भाव रखते हैं आपका खान-पान बहुत सादगी से है ।आप बड़े सादगी के साथ अपने जीवन यापन करते हैं आपने अपना व्यवसाय 2009 से छोड़कर प्रेम भाव तथा सेवा कार्यों में लगा दिया आप अनाथ बच्चों को शिक्षा देते हैं। वृंदावन के अंदर अपने ओपीडी चालू कर रखी है। जिसमें साधु संतों

को दवाइयां दी जाती है। इनकी पतली शशि कला का जन्म अच्छे तृतीया जो एक बहुत पवित्र पवन तिथि कहलाती है। किसी दिन भगवान परशुराम का भी जन्म हुआ बहुत से अनेक संतों का भी स्थिति को जन्म हुआ इस दिन को अपने मथुरा में गायत्री भूमि में रहकर सेवा

की वहां 10 पंख तथा ₹100000 दान कर कर भगवान वृंदावन बिहारी के चरण दर्शन कर कर अपने आप को धन्य किया भिवाड़ी में ही नहीं अभी तो आसपास में कहीं पर भी धार्मिक कार्य होता है तो आपकी उपस्थिति सदैव बनी रहती है ।भगवान राम के जन्म उत्सव पर बाबा केदारनाथ समिति के द्वारा अयोध्या में 41 दिन का

जो भंडारा चलाया गया अपने 10 दिन और सेवा देकर पुणे अर्जित किया पुण्य अर्जित किया आप भारतवर्ष में 18 प्रति से 148 संस्थाओं से अवार्ड प्राप्त कर चुके हैं ।तीन बार केंद्रीय सरकार के द्वारा भी आपको सम्मानित किया गया है। बिहार के सभी संस्थाएं आपको श्रद्धा भाव से देखते हैं ।आपके जीवन एक संत का सा जीवन

है। आप अपने लिए नहीं समाज तथा प्रकृति के प्राणियों के लिए जीते हैं। आपको पदम श्री के लिए भी नामांकित किया गया है। आप भारतवर्ष की अनेक गौशालाओं से जुड़े हुए हैं। गौशाला जादखोर गौशाला तुलसी वन गौशाला तिजारा बाबा मुनि गौशाला भिवाड़ी बाबा मोहन राम गौशाला खुशखेड़ा गौशाला अधिकारी गौशाला से आप अनेक संस्थाओं में शामिल होकर अपना सेवा कार्य करते हैं। महावर समाज भिवाड़ी द्वारा आपको भामाशाह नवाजा गया है यंग इंडिया ऑर्गेनाइजेशन द्वारा आपको भिवाड़ी रत्न से नवाजा गया आपको लंदन बुक का रिकॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है। वेस्ट बंगाल बोलपुर में भी आपको सम्मानित किया गया ।कोलकाता में कोई आपको सम्मानित किया गया भोपाल में भी आपको सम्मानित किया गया। पुणे में आपको सम्मानित किया गया फरीदाबाद में आपको सम्मानित किया गया ।भोपाल में आपको सम्मानित किया गया। सूरत में भी आपको सम्मानित किया गया कोटा में आपको सम्मानित किया गया इंदौर में आपको सम्मानित किया गया। गुड़गांव में आपको सम्मानित किया गया उड़ीसा में मैं सम्मानित किया गया। सूरत में आपको सम्मानित किया गया फरीदाबाद में आपको सम्मानित किया गया। दिल्ली में आपको आनेको बार सम्मानित किया गया। आपको डॉक्टरी डिग्री भी प्राप्त हुई भिवाड़ी में भिवाड़ी में बीड़ा द्वारा आपको सम्मानित किया गया। नगर पालिका द्वारा प्रमाणित किया गया ।मेरे द्वारा आपको सम्मानित किया गया सरकारी अस्पताल द्वारा भी आपको सम्मानित किया गया। सभी पार्षदों ने मिलकर भी आपका सम्मान किया गया। लखनऊ में भी आपको सम्मानित किया गया आपने एक हॉट धर्मशाला के लिए अपने समाज को डोनेट किया जिसकी कीमत लगभग 4 करोड रुपए है। आपको साधु संतों का ऐसा आशीर्वाद प्राप्त हुआ कि अपने भारत वर्ष की प्रमुख तीर्थ चारों धाम 12 ज्योतिर्लिंग सप्तपुर चावल शक्तिपीठों में से 38 शक्तिपीठ के दर्शन का लाभ मान्यता प्राप्त बड़े-बड़े मंदिरों की व्याख्या दर्शन भाव प्राप्त साधु संतों में भगवान में बहुत विश्वास रखते हैं एवं गरीब बच्चीयो की शादी पूर्ण रूप से सेवा सहयोग करते है हम सभी भगवान से प्रार्थना कर दे कि आप इन्हें सदा स्वस्थ रखें और अपना आशीर्वाद इन पर बनाए रखें।

रिपोर्टर मुकेश कुमार शर्मा

Les conseils des amis ne fonctionnent pas toujours en cuisine, surtout pour recréer un plat de restaurant. Quelques astuces méritent donc d'être étudiées plus en détail. fumée de cuisson quelle huile choisir l'astuce discrète pour une pâte friable aubergines coréennes aux légumes croquants moisissures, stockage et âge du pu-erh se fier aux copains pour les reconnaître On sale presque tous trop tôt, puis on s'étonne d'une pâte sèche. Laissez-la reposer quelques minutes et préparez la garniture pendant ce temps : le résultat sera bien plus moelleux.