बरेली में मण्डलायुक्त भूपेन्द्र एस. चौधरी की अध्यक्षता में मण्डलीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें गेहूं खरीद, स्वास्थ्य सेवाएं, निर्माण कार्यों और विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में लापरवाही और भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।


बरेली के विकास भवन सभागार में आयोजित इस बैठक में मण्डलायुक्त ने सबसे पहले गेहूं खरीद की तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष 2582 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जाएगा और मंडल में 538 क्रय केंद्र पूरी तरह तैयार हैं। बारिश के चलते आवक प्रभावित होने की बात भी सामने आई।
मण्डलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी क्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फार्मर रजिस्ट्री और खाद की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान बरेली मंडल को बेहतर स्थिति में बताया गया, जबकि अन्य जनपदों को राज्य औसत तक लाने के निर्देश दिए गए।


स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मण्डलायुक्त ने सबसे कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि आयुष्मान कार्ड धारकों से अस्पतालों में इलाज के दौरान पैसे लिए जाते हैं तो सिर्फ पैसा वापस कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। पीलीभीत में इस तरह के एक मामले में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी भी दी गई।
शाहजहांपुर में फर्जी मेडिकल बिलों के जरिए प्रतिपूर्ति के मामलों का खुलासा होने पर मण्डलायुक्त ने सभी जिलों को सतर्क रहने और कड़ाई

से सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व हेपेटाइटिस-बी जांच अनिवार्य रूप से कराने पर जोर दिया गया, ताकि नवजात शिशुओं को इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सके।


बैठक में संचारी रोग अभियान, आभा आईडी निर्माण, आंगनबाड़ी भर्ती, ओडीओपी टूलकिट वितरण और रोजगार योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि किसी भी परियोजना के 50 प्रतिशत पूर्ण होने से पहले उसका निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।