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बरेली। जनपद में असलहों के प्रति बढ़ते शौक और जलवा दिखाने की प्रवृत्ति पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने समीक्षा के दौरान 13 शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। इसके साथ ही कई अन्य लाइसेंस धारकों पर भी कार्यवाही की तैयारी है।

📌 लाइसेंस पर रोज़ का दबाव


जानकारी के मुताबिक, रोज़ाना 50 से अधिक आवेदन शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए आ रहे हैं। आवेदन करने वालों में ज्यादातर लोग शौकिया असलहा लेने के इच्छुक पाए जा रहे हैं। इसी कारण वर्तमान समय में कई हजार आवेदन पेंडिंग पड़े हैं।

📌 निरस्त क्यों किए गए लाइसेंस?


– नियमों का पालन न करना
– लाइसेंसधारकों का अपराधिक प्रवृत्ति में संलिप्त होना
– असलहे का दुरुपयोग
– रिपोर्टिंग/रिन्यूअल में लापरवाही

📌 जिलाधिकारी का सख्त संदेश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि—
👉 “असलहा केवल सुरक्षा की दृष्टि से दिया जाता है, इसे शौक या जलवा दिखाने का साधन नहीं बनने दिया जाएगा। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर लाइसेंस तत्काल निरस्त कर दिए जाएंगे।”

📌 प्रशासन की रणनीति

  • लंबित आवेदनों की त्वरित जांच होगी।
  • सत्यापन में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
  • पुलिस रिपोर्ट और खुफिया इनपुट के आधार पर ही लाइसेंस जारी होगा।
  • जिनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण हैं, उनका लाइसेंस सीधे रद्द होगा।

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने ने आम जनता से अपील की है कि असलहों का उपयोग केवल सुरक्षा और कानूनी दायरे में ही करें, अन्यथा सख्त दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।