बदायूं।अखिल भारतीय सनातन बोर्ड के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओ ने एकत्र होकर,जिले के वर्तमान नाम बदायूं को परिवर्तित कर प्राचीन नाम वेदामऊ किए जाने के संबंध में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित डीएम को ज्ञापन सौंपा,साथ ही शासनिक व्यवस्थाओं के अनुसार, जनपदीय नाम के परिवर्तन करने हेतु विधानसभा पटल पर रखने की अनिवार्यता के दृष्टिगत एक ज्ञापन क्षेत्रीय विधायक महेश चंद्र गुप्ता को भी संगठन की ओर से दिया गया,जिस पर विधायक ने सभी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में इस पुण्य–सकारात्मक विषय को विधानसभा पटल पर रखने के साथ-साथ,व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री के समक्ष मजबूती के साथ उठाने की बात कही।
जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार साहू ने बताया कि नाम परिवर्तन की मांग किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि इतिहास में हुई गलती को सुधारते हुए सनातनी वैदिक संस्कृति और सनातनी परंपराओं के संरक्षण के उद्देश्य से की जा रही है।
संगठन प्रवक्ता सत्यनारायण गुप्ता ने बताया की हिंदी शब्दावली में बदायूं नाम का कोई शब्द नहीं होता और ना ही बदायूं शब्द का कोई अर्थ होता है लंबे कालखंड तक आक्रांताओं के शासन में हमारी संस्कृति और धरोहरों को भारी नुकसान पहुंचा और कुतुबुद्दीन ऐबक, इल्तुतमिश, रजिया सुल्तान जैसे शासको के शासनकाल में जिले के पौराणिक नाम वेदामऊ का अपभ्रंश होकर बदाऊं और बदाऊ से बदायूं हो गया।कार्यकारिणी प्रमुख उपेंद्र उपाध्याय ने जिले के वर्तमान नाम बदायूं को अशिक्षा और दमन का प्रतीक बताते हुए जनता पर कलंक बताया, और प्राचीन नाम वेदामऊ को हमारी वैदिक संस्कृति और परंपराओं का प्रतिबिंबित करने वाला बताया प्रशासनिक कार्य प्रमुख विजय रतन सिंह जी ने नाम परिवर्तन के इस ज्ञापन को जनजागृति का एक अनूठा उदाहरण बताते हुए कहा कि इस नए पौराणिक नाम वेदामऊ से जिले को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।
कार्य अध्यक्ष डॉक्टर सुशील गुप्ता ने उप जिलाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं के उपस्थिति में ज्ञापन पढ़ने के बाद, सभी के समक्ष ज्ञापन महिला कार्यकर्ताओं द्वारा दिए जाने का प्रस्ताव रखा।
कार्यक्रम में डॉ अमर सिंह, चंद्रदेव वर्मा ,सत्यवीर सिंह, राधेश्याम शास्त्री, अश्वनी भारद्वाज, देवकीनंदन शर्मा, शिवम मथुरिया ,कृष्ण वीर सिंह, मुनेंद्र राठौर, पूनम सिंह, मणि भदोरिया, राजीव नारायण रायजादे व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
