ADG रमित शर्मा और नवीन अरोरा का हाईटेक एक्शन प्लान
यूपी पुलिस बन रही है हाइटेक, क्राइम एनालिटिक पोर्टल, ऑपरेशन त्रिनेत्र और परेड पोर्टल सबकुछ टूल्स से

हाइब्रिड मोड में ADG टेक्निकल सर्विसेज यूपी नवीन अरोरा और ADG बरेली जोन रमित शर्मा ने बरेली जोन के पुलिस अफसरों के साथ एक अहम मीटिंग की। इस मीटिंग में कानून-व्यवस्था, तकनीकी टूल्स और नए आपराधिक कानूनों पर फोकस किया गया। कुछ अफसर फिजिकली मीटिंग में शामिल हुए, बाकी ने Google Meet से ऑनलाइन हिस्सा लिया। बरेली, मुरादाबाद और अन्य जिलों के DIG, SSP, SP, ASP और नोडल अधिकारी इसमें मौजूद रहे।

क्राइम कंट्रोल और मॉनिटरिंग को लेकर बनाई गई पोर्टल्स की प्रेजेंटेशन दी गई। मीटिंग में सभी अधिकारियों को बताया गया कि कैसे तकनीकी बदलावों को फील्ड लेवल पर ज्यादा असरदार तरीके से लागू किया जाए।

क्राइम एनालिटिक पोर्टल, ऑपरेशन त्रिनेत्र और परेड पोर्टल जैसे टूल्स पर हुई डिटेल चर्चा

ADG नवीन अरोरा ने इन-हाउस डेवलप किए गए कई अहम पोर्टल्स और सिस्टम्स की विस्तार से जानकारी दी। इनमें शामिल थे – अपराध से जुड़े डेटा को समझने वाला क्राइम एनालिटिक पोर्टल, FIR और केस की लाइव मॉनिटरिंग के लिए CCTNS और फील्ड यूनिट पोर्टल, संगठित अपराधों पर नजर रखने के लिए ऑपरेशन त्रिनेत्र, बीट स्तर पर पुलिस की एक्टिविटी पर नज़र रखने वाला फुट पेट्रोलिंग सिस्टम, पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग पोर्टल, जनता की शिकायतों के फॉलोअप के लिए पब्लिक ग्रीवांस रिव्यू पोर्टल, पुलिस परेड की रिकॉर्डिंग और मॉनिटरिंग के लिए परेड पोर्टल, केस की जांच को ट्रैक करने वाला इन्वेस्टिगेशन मॉनिटरिंग पोर्टल और चार्जशीट से लेकर सजा तक की स्टेज को ट्रैक करने वाला प्रॉसिक्यूशन एंड कन्विक्शन मॉनिटरिंग सिस्टम। इन टूल्स का मकसद पुलिसिंग को स्मार्ट, रिजल्ट-ओरिएंटेड और जवाबदेह बनाना है।

तीन नए क्रिमिनल लॉ और फिंगरप्रिंट सिस्टम पर दी गई जानकारी

मीटिंग में तीन नए कानूनों – BNS (भारतीय न्याय संहिता), BNSS (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) और BSA (भारतीय साक्ष्य अधिनियम) के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके अलावा NAFIS (नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) और CRPI (क्रिमिनल प्रोसीजर आइडेंटिफिकेशन एक्ट) के पुलिसिंग में इस्तेमाल को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। इन बदलावों से पुलिस की जांच और पहचान प्रणाली और मजबूत होगी।

फॉरेंसिक लैब का निरीक्षण, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर फोकस

मीटिंग के बाद ADG नवीन अरोरा और ADG रमित शर्मा ने बरेली स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फॉरेंसिक लैब) का निरीक्षण किया। उन्होंने चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को चेक किया और संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। इस दौरान उपनिदेशक जय प्रकाश गुप्ता, वैज्ञानिक अधिकारी और PWD इंजीनियर भी मौजूद रहे।

त्रिनेत्र 2.0 और पुलिस टेक्नोलॉजी को मिला नेशनल लेवल पर सम्मान

टेक्निकल सर्विसेज की यह कोशिशें अब राज्य स्तर से निकलकर राष्ट्रीय पहचान बना रही हैं। FICCI, नई दिल्ली ने त्रिनेत्र 2.0 प्रोजेक्ट को स्मार्ट पुलिसिंग अवॉर्ड 2025 से नवाजा है। यह पोर्टल क्राइम इन्वेस्टिगेशन और प्रॉसिक्यूशन को मॉनिटर करता है। इसके अलावा SKOCH अवॉर्ड 2025 भी पुलिस और सिक्योरिटी कैटेगरी में मिल चुका है। ये अवॉर्ड इस बात का सबूत हैं कि उत्तर प्रदेश पुलिस, खासतौर पर बरेली जोन की टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली पहल अब पूरे देश में मॉडल बन रही है।