बरेली में औद्योगिक इकाइयों और किसानों के बीच समन्वय संगोष्ठी सम्पन्न

पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में बड़ा कदम

बरेली, 30 अगस्त 2025।
जनपद बरेली में पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास को बढ़ावा देने हेतु फ्यूचर यूनिवर्सिटी, फरीदपुर में औद्योगिक इकाइयों एवं किसानों के मध्य समन्वय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अरुण कुमार, मा० राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), वन, पर्यावरण, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, उत्तर प्रदेश उपस्थित रहे।

पौधारोपण से हुआ शुभारम्भ

कार्यक्रम की शुरुआत मा० वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने मौलश्री का पौधा रोपित कर की। इसके साथ ही फरीदपुर विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल ने अमलतास, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी ने मौलश्री, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक योजना एवं कृषि वानिकी दीपक कुमार ने बरगद, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ललित कुमार वर्मा ने कचनार, मुख्य वन संरक्षक रूहेलखंड जोन पी.पी. सिंह ने गुलमोहर, वन संरक्षक मुरादाबाद रमेश चन्द्रा ने बहेड़ा तथा प्रभागीय वनाधिकारी बरेली श्रीमती दीक्षा भण्डारी ने महोगनी का पौधा लगाया।

इसके अतिरिक्त विनियर प्लाईवुड एसोसिएशन द्वारा भी सामूहिक पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम स्थल पर कार्बन क्रेडिट योजना एवं पर्यावरण संरक्षण विषयक प्रदर्शनी का भी अवलोकन अतिथियों ने किया।

उद्योग जगत और किसानों का सेतु बनेगी कार्बन क्रेडिट योजना

विनियर प्लाईवुड एसोसिएशन के पदाधिकारियों—श्री वीरेन्द्र कुमार अग्रवाल, श्री शेखर अग्रवाल, श्री हरीश अरोड़ा, श्री गुरप्रीत सिंह एवं श्री चरनकमलजीत सिंह—ने अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।

अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र कुमार अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि “कार्बन फाइनेंस स्कीम किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचा रही है। प्लाईवुड उद्योग सस्ते एवं टिकाऊ उत्पाद बनाता है, जिनकी देश-विदेश में भारी मांग है। यदि चीन पर निर्भरता कम करनी है तो हमें स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देना होगा।” उन्होंने एनओसी प्रक्रिया को सरल बनाने, सरकारी विभागों से समन्वय कर प्रक्रियाओं के सरलीकरण और किसानों को वृक्षारोपण हेतु प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में स्कूली बच्चों द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर कार्बन क्रेडिट योजना की जानकारी रोचक ढंग से दी गई।

लाभार्थियों ने साझा किए अनुभव

कार्बन क्रेडिट योजना के लाभार्थी श्री दिनेश चन्द्र शर्मा (ग्राम सिंधौली, मीरगंज) और श्री प्रेमशंकर (ग्राम कुण्डरा, बहेड़ी) ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस योजना से उन्हें आर्थिक लाभ के साथ-साथ वृक्षारोपण हेतु उत्साह भी मिला है।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के विचार

अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ललित कुमार वर्मा ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों और किसानों के बीच समन्वय स्थापित कर वृक्षारोपण को बढ़ावा देना आवश्यक है, ताकि किसानों को उचित मूल्य और उद्योगों को सुलभ दरों पर कच्चा माल मिल सके।

विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल ने आश्वासन दिया कि सरकारी प्रक्रियाओं को और सरल बनाने हेतु उच्च स्तर पर पहल की जाएगी तथा किसी भी स्थिति में व्यापारियों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि 2017 के बाद से वृक्षारोपण में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि “वनावरण बढ़ाकर उत्तर प्रदेश ने देश में छत्तीसगढ़ के बाद दूसरा स्थान प्राप्त किया है। ग्लोबल वार्मिंग से निपटने का सबसे अच्छा उपाय पौधारोपण ही है।”

वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार का संबोधन

मा० वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि “वर्ष 2012 से 2017 तक मात्र 26 करोड़ पौधों का रोपण हुआ था, जबकि वर्ष 2025 में एक ही दिन में 37.21 करोड़ पौधे लगाए गए। यह सरकार की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

उन्होंने कहा कि काष्ठ आधारित उद्योगों को चाहिए कि वे आसपास के किसानों को पौधे उपलब्ध कराएं और उनसे उचित मूल्य पर लकड़ी खरीदें। मंत्री जी ने आश्वासन दिया कि उद्योगों की समस्याओं के समाधान हेतु मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत स्तर पर वार्ता की जाएगी।

कार्यक्रम के अंत में मा० मंत्री द्वारा किसानों को पौधे भेंट किए गए।

अंत में प्रभागीय वनाधिकारी बरेली श्रीमती दीक्षा भण्डारी ने मुख्य अतिथि, सभी विशिष्ट अतिथियों, विनियर प्लाईवुड एसोसिएशन, अधिकारियों एवं किसानों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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