
जनपद बरेली के विकास भवन में उस समय नई ऊर्जा और अनुशासन का संचार हुआ, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) देवयानी ने कार्य कुशलता से विकास कार्यों की गति में उल्लेखनीय तेजी आई है।
सख्त मॉनिटरिंग और जवाबदेही
सीडीओ देवयानी ने विकास भवन से संचालित सभी विभागीय योजनाओं की सघन मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि भ्रष्टाचार या लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विकास भवन में कुछ “घाग अधिकारियों” पर सीडीओ की पैनी नजर है। वहीं, ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
अच्छे कार्य पर सम्मान, लापरवाही पर कार्रवाई
सीडीओ के नेतृत्व में एक नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है, जिसमें योग्य व मेहनती अधिकारियों को सम्मानित और पुरस्कृत किया जा रहा है, जबकि नकारा व लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस वजह से विकास भवन में कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और अनुशासन का माहौल बना है।

योजनाओं पर विशेष फोकस
सीडीओ देवयानी की प्राथमिकता जनकल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध व पारदर्शी क्रियान्वयन है। इनमें प्रमुख योजनाएं शामिल हैं—
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) – पात्र गरीबों को आवास उपलब्ध कराना
मनरेगा (MGNREGA) – ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराना
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) – महिलाओं की आजीविका बढ़ाने हेतु स्व-सहायता समूह
स्वच्छ भारत मिशन – स्वच्छता और शौचालय निर्माण
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना – बालिकाओं की शिक्षा व पालन-पोषण के लिए आर्थिक सहयोग
आंगनबाड़ी सेवाएं – महिला व बाल विकास से संबंधित योजनाएं
सामाजिक सुरक्षा व स्वास्थ्य से संबंधित योजनाएं
इन सभी योजनाओं के संचालन पर सीडीओ स्वयं नियमित समीक्षा कर रही हैं।
जिलाधिकारी ने भी की सराहना
सीडीओ देवयानी की सख्त मॉनिटरिंग और कार्यशैली की जिलाधिकारी अविनाश सिंह भी तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने विकास भवन में चल रही योजनाओं की प्रगति को संतोषजनक बताते हुए कहा कि इस नई कार्यसंस्कृति से जिले के विकास कार्यों को और गति मिली है।
जनता को सीधा लाभ
सख्त निगरानी और पारदर्शिता से जनता को योजनाओं का सीधा लाभ मिलना शुरू हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवास, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों में तेजी आई है।