देव महादेव करो दास से न कोई भेद ,छोड़ कैलाश अब बसुधा पे आइये

बदायूं – उत्तर प्रदेश हिन्दी प्रचार समिति बदायूं द्वारा काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारम्भ समिति अध्यक्ष काशीनाथ वर्मा द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके किया गया । डा अरविन्द धवल ने मां वीणा पाणि की वन्दना पढ़ी । गोष्ठी की अध्यक्षता डा. गीतम सिंह ने की ।

उझानी से आए डा. गीतम सिंह ने पढ़ा –
प्यार को आजमाना जरूरी नहीं।
रोज मिलना मिलाना जरूरी नहीं।।

डा अरविन्द धवल ने दोहा पढ़ा
तरुणाई को झूलते देखा जो इक बार
कक्का देखो मांगते , यौवन आज उधार

पवन शंखधार ने मुक्तक पढ़ा
हमारी आन है हिन्दी हमारी शान है हिन्दी
कबीरा, सूर ,तुलसी की रही अभिमान है हिन्दी
मेरे हिन्दोस्तां के भाल की सौभाग्य की बिन्दी
मेरी ये जान भी तुझ पर सदा कुर्बान है हिन्दी

विनोद सूर्यवंशी दिल बदायूंनी ने पढ़ा
जो कोई शख्स शोलों को हवा देता है ।
इक दिन अपना मकां खुद वो जला लेता है।।

शायर जनाब समर बदायूंनी ने शेर पढ़ा
किसी को आजमा कर क्या करूंगा ।
मैं खुद को आजामाना चाहता हूं ।।

षट्वदन शंखधार ने छंद पढ़ा
देव महादेव करो दास से न कोई भेद
छोड़ कैलाश अब बसुधा पे आइये

विष्णु गोपाल अनुरागी ने पढ़ा
हर हर गंगे महादेव को मचा रहे हुड़दंग हैं
रंगे हुए हैं कांवड़िए सब शिव भोले के रंग हैं
जलाभिषेक करने को पैदल गंगा जल भरकर लाए
ध्वजा तिरंगा भगवा डी जे शिवभक्तों के संग है

अय्यूब बदायूंनी ने पढ़ा
यही एक काम अच्छा कर लिया है
तेरी चाहत को अच्छा कर लिया है

काव्य गोष्ठी का संचालन पवन शंखधार ने किया।
समिति सचिव षट्वदन शंखधार ने सभी आगंतुकों का आभार ब्यक्त किया ।

इस अवसर पर प्रदीप दुबे,पियूष वर्मा, लक्ष्य वर्मा, मृत्युंजय शंखधार, ह्रदयेंन्द्र शंखधार,देव शंखधार, सुरेश शर्मा, महक वर्मा, रमेश चन्द्र शर्मा, बीना मिश्रा , प्राची शंखधार, अखिलेश मिश्र, मनोज यादव , रंजीत शर्मा, आदि उपस्थित रहे।

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