बरेली में भाईचारे की मिसाल, मोहर्रम के जुलूस पर हिंदू समुदाय ने की फूलों की वर्षा पहले साल रहा था दोनों समुदाय ओ में तनाव एसपी सिटी मानुष पारीक, एडीएम सिटी सौरभ दुबे,सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री और CO सिटी पंकज श्रीवास्तव की मेहनत रंग लाई। उन्होंने कहा कि हमने कई बार दोनों समुदायों को बैठाकर समझाया, समझौता कराया और अब नतीजा सबके सामने है।

यूपी के बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र में इस बार मोहर्रम का जुलूस शांति और भाईचारे के माहौल में निकाला गया। जोगी नवादा से शुरू हुआ यह जुलूस मौर्य वाली गली से गुजरता हुआ निकला। वही मौर्य वाली गली, जहां 2022 और 2023 – 24 में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के बीच तनाव हुआ था, इस बार प्यार और भाईचारे की तस्वीर पेश कर गया। जुलूस के दौरान हिंदू समुदाय के लोगों ने मुस्लिम समुदाय के जुलूस पर फूलों की वर्षा की, और एक-दूसरे को मालाएं पहनाकर गले मिले। इस मौके पर दोनों समुदायों ने कहा कि अब उनके बीच कोई मनमुटाव नहीं है, सब मिलकर रहेंगे। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि अब नूरी मस्जिद के सामने से कावड़ भी निकलेगी हम भी फूल बरसा करेंगे
पुलिस और प्रशासन की कड़ी निगरानी, 18 बैठकों के बाद हुआ समझौता

दरअसल पिछले सालों के तनाव को देखते हुए इस बार प्रशासन ने पहले से ही पूरी तैयारी की थी। थाना बारादरी क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल के साथ-साथ RAF की तैनाती भी की गई थी। मकानों की छतों पर पुलिसकर्मी तैनात रहे और पूरे जुलूस की निगरानी ड्रोन कैमरे से की गई।
SP सिटी मानुष परीक और CO सिटी पंकज श्रीवास्तव खुद पूरे इलाके में पैदल मार्च करते नजर आए। उन्होंने बताया कि पिछले तनाव को खत्म करने के लिए हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ 18 बैठकों का दौर चला, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की बात समझी और आखिरकार एक आपसी समझौते पर पहुंचे। इसी समझौते के चलते इस बार मोहर्रम का जुलूस शांति से निकाला गया। CO सिटी पंकज श्रीवास्तव की मेहनत रंग लाई। उन्होंने कहा कि हमने कई बार दोनों समुदायों को बैठाकर समझाया, समझौता कराया और अब नतीजा सबके सामने है।

आने वाले दिनों में कांवड़ यात्रा भी इसी भाईचारे से निकलेगी


मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी खुलकर कहा कि अब उनके दिलों में कोई बैर नहीं है। जैसे हिंदू समुदाय के लोगों ने उनके मोहर्रम के जुलूस पर फूल बरसाए, उसी तरह जब कांवड़ यात्रा निकलेगी, तो वे भी उस पर फूल बरसाएंगे।
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बताया कि पहले नूरी मस्जिद के पास से कांवड़ यात्रा निकालने पर विवाद हुआ करता था, पर अब दोनों पक्षों में समझौता हो चुका है। उनका कहना है कि अब नूरी मस्जिद से भी कांवड़ यात्रा निकलेगी और वे खुद उस पर फूल बरसाएंगे।

बरेली में भाईचारे की नई शुरुआत


कुल मिलाकर इस बार बरेली ने एक अच्छी मिसाल पेश की है। जिस जगह पहले तनाव और टकराव की खबरें आती थीं, वहां अब प्यार और भाईचारे की बातें हो रही हैं। प्रशासन ने भी इसे एक बड़ी सफलता माना है।
मौके पर मौजूद एसपी सिटी मानुष पारीकने बताया कि पूरी योजना के तहत इस जुलूस को निकाला गया और अब इसी तरह शांति से आगे भी तीज-त्योहार मनाए जाएंगे। हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग एक-दूसरे से गले मिलते दिखे और यही तस्वीर बताती है कि अगर दोनों तरफ से थोड़ी समझदारी और प्रशासन की सख्ती हो तो कोई भी विवाद भाईचारे में बदल सकता है।