
न शिकायत सुनी जा रही, न समाधान हो रहा
सहसबान। बिजली विभाग की लापरवाही और हठधर्मिता के चलते सहसबान नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अंधकार का साम्राज्य छा गया है। बिजली की अनियमित आपूर्ति, विना सूचना के कटौती और अधिकारियों की अकर्मण्यता ने आम जनता का जीना दुश्वार कर दिया है। जानकार सूत्रों के मुताबिक, बिजली विभाग के अधिकारी न तो खुद कार्य करने को तैयार हैं, न ही कर्मचारियों के प्रति कोई संवेदनशीलता दिखा रहे हैं। लाइनमैनों और अन्य कर्मियों से 24 घंटे काम लिया जा रहा है, जबकि अधिकारियों के कार्यालयों में फोन तक नहीं उठते। नगर की बिजली व्यवस्था को लेकर आम नागरिकों में जबरदस्त रोष है, जो आने वाले चुनावों में भारी असर डाल सकता है। हैरानी की बात यह है कि स्थानीय विधायक और यहां तक कि राज्य
मंत्री द्वारा नाराजगी जताने और कुछ अधिकारियों के तबादले होने के बावजूद विभाग के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है।
बिजली मंत्री अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त, जनता परेशान

राज्य के ऊर्जा मंत्री जहां विभाग की उपलब्धियों का बखान कर रहे हैं, वहीं जनता दिन-रात बिजली की मार झेल रही है। कटौती का कोई निश्चित समय नहीं है, कभी भी बिजली गुल हो जाती है न दिन देखा जाता है, न रात।
शिकायतें हो रही हैं अनसुनी
X पर दिन भर में 70-80 शिकायतें डाली जाती हैं, लेकिन उनका कोई निवारण नहीं होता। सहसबान पावर हाउस का शिकायत नंबर 94104 10388 तो शायद ही कभी उठाया जाता है, जिससे आम आदमी की आखिरी उम्मीद भी टूट जाती है।
जनता का सवाल अब किससे करें शिकायत ?
सोशल मीडिया हो या जनमंच, हर जगह बिजली विभाग के खिलाफ शिकायतों का अंबार लगा है, लेकिन न अधिकारी सुन रहे हैं, न मंत्री। आमजन पूछ रहा है – जब जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनी जा रही, तो हम कहां जाएं? अब देखना ये होगा कि इस बिजली संकट पर सरकार और विभाग कब जागते हैं या जनता को आने वाले चुनावों में जवाब देने का इंतज़ार करना पड़ेगा।






