1) मनुस्मृति श्लोक नं.24
2) बाल गंगाधर तिलक द्वारा लिखित वैदिक आर्या का मूलस्थान (Arctic home in the Vedas)
3) मोहनदास करमचंद गांधी द्वारा दि.27 दिसंबर 1924 का काँग्रेस अधिवेशन मे दिया हुआ अध्यक्षीय भाषण।
4) पंडित जवाहर लाल नेहरु का “पिता की ओर से पुत्री के नाम खत”
5) लाला लजतपराय द्वारा लिखित भारत वर्ष का इतिहास पृष्ठ 21 और 22
6) बाल गंगाधर तिलक द्वारा लिखित भारत वर्ष का इतिहास पृष्ठ 63 और 87
7) पंडित श्यामबिहारी मिश्रा और सुखदेव बिहारी मिश्रा द्वारा लिखित भारत वर्ष का इतिहास,भाग 1 पृष्ठ 62 और 63
8) पं.जनार्दन भट्ट एम.ए द्वारा लिखित -माधुरी मासिक – भारतीय पुरातत्व की नयी खोज 1925 – पृष्ठ 27 और 29
9) पंडित गंगाप्रसाद द्वारा लिखित जाति भेदी (पृष्ठ 10 और 27)
10) रविँद्र दर्शन – सुख सनपात्री भंडारी (पृष्ठ 21 और 22)
11) भारतीय लिपीतत्व – नागेँद्रनाथ बसू (पृष्ठ 47 और 51 )
12) प्राचीन भारत वर्ष की सभ्यता का इतिहास – रमेश चंद्र दत्त, भाग -1 पृष्ठ 17 और 19
13) हिन्दी भाषा की उत्पति – आचार्य महावीर द्विवेदी
14) हिंदी भाषेचा विकास – बाबू श्यामसुंदर पृ. 3 और 7
15) हिँदुत्व -पं.लक्ष्मीनारायण गर्दे, पृष्ठ – 8, 9 और 29
16) आर्योँ का आदिम निवास -पं.जगन्नाथ पांचोली
17) महाभारत मीमांसा – राय बहादूर चिंतामणी विनायक वैद्य
18) जाति शिक्षा – स्वामी सत्यदेव परिभ्राजक,पृष्ठ 8 और 9
19) 29 वा अखिल भारतीय हिंदू महासमेलन रामानंद चटर्जी, मॉडर्न रिव्ह्यू का भाषण
20) 29 नवंबर 1926 के दिन आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय का आज या नियतकालिन लेख।
21) देशभक्त सामाजिक का संपादकीय लेख. पृष्ठ 29 फरवरी 1924
22) प्रेमा का वृंदावन मासिक – योगेशचंद्र पाल 1927
पृष्ठ 136 और 143
23) काका कालेलकर की पिछडा वर्ग रिपोर्ट
24) धर्मशास्राचा इतिहास – पा.वा.काणे करना
25) हिंदू सभ्यता – राधाकृष्ण मुखर्जी, पृष्ठ 41,47 और 59
26) डी.डी.कोसंबी – प्राचीन भारत की संस्कृति और सभ्यता
27) वोल्गा से गंगा – राहुल सांस्कृत्यायन
28) ग्रीक ओरिजन्स ऑफ कोकणस्थ चित्पावन -प्रताप जोशी
29) ना.गो.चाफेकर चित्पावन – पृष्ठ 295
30) वि.का.राजवाडे के मतानुसार ब्राम्हण विदेशी है।
31) स्वामी दयानंद सरस्वती -सत्यप्रकाश ग्रंथ
32) *टाईम्स ऑफ इंडिया का 2001 का DNA रिपोर्ट
33) ऋग्वेद मे लिखा है की ब्राह्मण विदेशी है:-
34)आर्यां का मूळ वस्तीस्थान उत्तर ध्रुव.
-(आर्टीक्ट होम ईन द वेदाज)!
35)हम ब्राह्मण लोग मध्य एशिया से भारत आये है!
(डिस्कव्हरी ऑफ इंडिया- पंडित जवाहरलाल नेहरु)








