बदायूं। अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के निदेशक शशिकांत मौर्य, भाजपा नेता सूर्यकांत मौर्य, मैनेजर अमित सिंह व अन्य लोगों के खिलाफ रविवार को रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। मामले की जांच के लिए एसएसपी ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है। वहीं, मीरा सराय स्थित कंपनी के दफ्तर पर रविवार को भी ताला लटका रहा। कई जमाकर्ता मायूस होकर वापस लौट गए। उनका कहना है कि न तो एजेंट फोन उठा रहे हैं, न ही कोई जिम्मेदार व्यक्ति सामने आ रहा है।

कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कामग्रान निवासी जमाकर्ता अशद अहमद की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। इसमें बताया गया है कि उसने बदायूं के मीरा सराय स्थित अमर ज्योति कंपनी में 200 रुपये प्रतिदिन के

हिसाब से एक वर्ष के लिए रुपये जमा किए थे। जिसकी अवधि 28 मई को पूरी हो गई थी। कंपनी से करीब 73 हजार रुपये लेने हैं। वहीं दूसरे खाते में 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जमा किया था। 28 मई को वह अपना पेमेंट लेने के लिए करीब दो बजे गया था। 

कंपनी के मैनेजर अमित सिंह से रुपये मांगे तो उसने नहीं दिए। इसके बाद निदेशक शशिकांत से रुपये के पेमेंट को कहा तो उन्होंने गाली-गलौज करते हुए कहा कि हमारी कंपनी में तुम्हारा कोई पैसा जमा नहीं है। कंपनी में शशिकांत के भाई सूर्यकांत मौर्य भी हिस्सेदार हैं। जो भाजपा नेता हैं। कंपनी में एजेंट काम करते हैं। अशद ने बताया कि उसका पैसा जमा करने वाला एजेंट सुनील बाबू शहबाजपुर सदर कोतवाली में रहता है।

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