
बदायूं।उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा प्रायोजित एवं सिदरा एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी के तत्वाधान में हिंदी और उर्दू साहित्य के प्रख्यात कथाकार और उपन्यास कार कृष्ण चंद्र के साहित्यिक जीवन और व्यक्तित्व पर केंद्रित क़ादिरी दरगाह रोड, हकीम गंज में स्थित बैंकट हॉल में “कृष्ण चंद्र: फ़न और शख़्सियत” पर एक सेमिनार आयोजित की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध समाजसेवी इशरत अली उर्फ़ चुन्ना मियां थे, जिन्होंने कृष्ण चंद्र की साहित्यिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए उन्हें मानवता का सच्चा पक्षधर बताया। उन्होंने कहा कि कृष्ण चंद्र ने अपने लेखन के माध्यम से समाज के हाशिये पर खड़े लोगों की पीड़ा को स्वर दिया।

सेमिनार की अध्यक्षता राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉक्टर मेराज उल हसन ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कृष्ण चंद्र की कहानियों की संवेदनशीलता, प्रतीकात्मकता और भाषा की सहजता को रेखांकित किया। उन्होंने यह भी कहा कि कृष्ण चंद्र का साहित्य आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना अपने समय में था।
कार्यक्रम का संचालन डॉ रबाब अंजुम ने कुशलतापूर्वक किया। उन्होंने वक्ताओं का परिचय देते हुए कृष्ण चंद्र की साहित्यिक धारा की विविधताओं पर भी संक्षिप्त टिप्पणी की। बाद में अध्यक्ष की ओर से सभी आगंतुकों और सहभागियों का आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम ने साहित्यिक विमर्श की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम में अर्जुन कुमार, फ़ारूख़ अली, इमरान ख़ान,तंज़ील ख़ान,ह्यूमन आज़ाद, हम्माद ख़ान,राशिद सुल्तानी,अमान ख़ान आदि मौजूद रहे।






