शांति समिति की बैठक में ब्लैकआउट ड्रिल को लेकर जागरूकता पर दिया गया जोर

खैरथल-तिजारा 7 मई अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट की अध्यक्षता में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस विभाग, जनप्रतिनिधि और समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य ब्लैकआउट ड्रिल को लेकर जन-जागरूकता फैलाना और जिले को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सशक्त बनाना रहा।

बैठक के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने शांति समिति के सदस्यों को ब्लैकआउट ड्रिल के उद्देश्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हवाई हमले की स्थिति में दुश्मन विमानों को हमारी बसाहट का अंदाजा न हो, इसके लिए रात के समय रोशनी को पूरी तरह से बंद करना आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि अगर धरातल पर रोशनी शून्य रहेगी तो दुश्मन विमान लक्ष्य भांप नहीं पाएंगे और वायु हमले की संभावना कम हो जाएगी। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों से अपील की वे स्थानीय स्तर पर लोगों को जागरुक करें ताकि सभी इस अभ्यास में अपनी जागरूक, जिम्मेदार और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सके और जिले को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सशक्त बना सके।

अतिरिक्त जिला कलक्टर ने अनुसार, इस अभ्यास का उद्देश्य न केवल आपदा के समय प्रशासन की तैयारियों को परखना है, बल्कि आम नागरिकों, विशेषकर विद्यार्थियों और युवाओं को आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक और प्रशिक्षित करना भी है।

अतिरिक्त जिला कलक्टर ने कहा कि हवाई हमले की चेतावनी प्रणाली, हॉटलाइन/रेडियो लिंक, नियंत्रण कक्षों की कार्यप्रणाली, ब्लैकआउट तैयारी, मेडिकल, रसद और अग्निशमन व्यवस्था जैसी व्यवस्थाओं का अभ्यास इस ड्रिल में किया जाएगा।

बैठक में मौजूद शांति समिति के सदस्य एवं विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया साथ ही स्थानीय स्तर पर लोगों को जागरुक कर इस अभियान में आमजन की सहभागिता दर्ज करवाने के पूर्ण प्रयास किए जाएंगे।

बैठक में एएसपी राजेंद्र सिंह ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें और किसी समस्या की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें। 

इस दौरान डिप्टी एसपी किशनगढ़ बास राजेंद्र सिंह, शांति समिति के सदस्य एवं विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

रिपोर्टर मुकेश कुमार शर्मा

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